Share Buyback Rules India: बजट 2026 में शेयर बायबैक पर लगने वाले टैक्स में बदलाव के बाद बजाज ऑटो और विप्रो समेत कई कंपनियों ने बाजार से अपने शेयर वापस खरीदने के ऐलान किए हैं।
Share Buyback Taxation: बजट 2026 के बाद देश में Share Buyback की रफ्तार तेज होती दिख रही है। आईटी से लेकर ऑटो और फार्मा सेक्टर की कई कंपनियों ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों करोड़ रुपए के बायबैक का ऐलान किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि बजट 2026 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शेयर बायबैक से होने वाले मुनाफे पर टैक्स के नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Budget 2026 में बायबैक पर टैक्स नियम बदलने के बाद कंपनियों और निवेशकों दोनों के लिए यह विकल्प पहले की तुलना में ज्यादा फायदेमंद हो गया है।
बजट 2026 के बाद से शेयर बायबैक ज्यादा हो रहे हैं। 16 अप्रैल को विप्रो ने बताया था कि वह 250 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर करीब 15,000 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक करेगी। बायबैक की यह कीमत घोषणा के दिन वाले शेयर प्राइस से 20 फीसदी प्रीमियम पर थी। इसके बाद बजाज ऑटो ने 6 मई 2026 को 5,633 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक की घोषणा की। बजाज ऑटो ने 12,000 रुपए प्रति शेयर की दर से बायबैक करने की घोषणा की। उस समय यह बाजार कीमत से 15 फीसदी प्रीमियम रेट थी।
इसके आलावा Aurobindo Pharma, Kajaria Ceramics और Cyient जैसी अन्य कंपनियों ने भी पिछले कुछ महीनों में शेयर बायबैक की घोषणा की है।
शेयर बायबैक में कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है। आमतौर पर यह खरीद बाजार भाव से ज्यादा कीमत यानी प्रीमियम रेट पर की जाती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कंपनी का शेयर बाजार में 1,000 रुपए पर ट्रेड कर रहा है और कंपनी 1,000 से ज्यादा रुपए पर बायबैक ऑफर देती है, तो निवेशकों को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Buyback gains के टैक्स नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि नियमों में बदलाव के बाद बायबैक पर लगने वाला टैक्स सिर्फ मुनाफे यानी कैपिटल गैन पर लगेगा। इस बदलाव से पहले बायबैक से मिलने वाली पूरी रकम को लाभ मानकर उस पर टैक्स लगाया जाता था। यह टैक्स व्यक्ति के इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लगता था। इससे निवेशकों के लिए बायबैक ज्यादा फायदेमंद नहीं होते थे। इसके साथ ही शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स के लिए इस प्रकार रेट लगेगी।
| Holding Period | Tax Type | Tax Rate |
|---|---|---|
| 12 महीने या कम | Short Term Capital Gain (STCG) | 20% |
| 12 महीने से ज्यादा | Long Term Capital Gain (LTCG) | ₹1.25 लाख तक छूट, उसके बाद 12.5% |
जब कंपनी बायबैक के जरिए अपने शेयर वापस खरीदती है, तो बाजार में कुल शेयरों की संख्या कम हो जाती है। इससे Earnings Per Share (EPS) बेहतर दिखता है। बायबैक के जरिए कंपनी निवेशकों को संकेत देती है कि कंपनी का भविष्य और मजबूत है। साथ ही शेयर की कीमत undervalued रहने का भी संकेत मिलता है। इसके अलावा एक अस्थिर बाजार में, जब कंपनी अपने ही शेयर बाजार कीमत से ज्यादा कीमत पर खरीदती है, तो इससे शेयर की कीमत को कुछ सपोर्ट मिलता है।