
YouTube GST Rules: यू-ट्यूबसे कमाई करने का प्लान है, तो सिर्फ चैनल बनाना और वीडियो अपलोड करना ही काफी नहीं है। कमाई शुरू होने के साथ ही आपको यह भी समझना होगा कि इस इनकम पर टैक्स कैसे लगेगा, डॉलर में मिली रकम को रुपये में कैसे दिखाना है, GST कब लगेगा और ITR कैसे फाइल करना है। सही जानकारी पहले से होने पर बाद में ITR रिपोर्टिंग की गलतियों और टैक्स संबंधी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
ईशा सेखरी एंड एसोसिएट्स LLP की फाउंडर, ईशा सेखरी ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से YouTube या AdSense से कमाई करता है तो इस आय को ‘Profits and Gains of Business or Profession’ यानी बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय माना जाता है। इसे सामान्य तौर पर ‘Income from Other Sources’ में नहीं दिखाया जाता।
ईशा सेखरी ने बताया कि विदेशी मुद्रा में हुई आय को रुपये में बदलने की जानकारी इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 के Rule 206 में है। इस नियम के तहत AdSense से डॉलर में पैसा मिलने पर उसे रुपये में बदलने के लिए टेलीग्राफिक ट्रांसफर (TT) बाइंग रेट का इस्तेमाल किया जाता है। संबंधित वित्त वर्ष की 31 मार्च की TT बाइंग रेट लागू होती है, जो SBI या किसी अन्य अधिकृत डीलर बैंक द्वारा जारी दर के आधार पर होती है। बैंक में वास्तव में जिस दर पर पैसा आया, उसे सीधे आधार नहीं बनाया जाता।
सेखरी के अनुसार, भारत के बाहर से Google से मिलने वाले पेमेंट IGST Act के सेक्शन 2(6) के तहत 'एक्सपोर्ट ऑफ सर्विसेज' की कैटेगरी में आते हैं। इसके चलते AdSense इनकम GST के तहत जीरो-रेटेड होती है और पात्र मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट या रिफंड का लाभ मिल सकता है। आम तौर पर कुल टर्नओवर 20 लाख रुपये से ज्यादा होने पर GST रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। कुछ विशेष कैटेगरी के राज्यों में यह सीमा 10 लाख रुपये है। इसमें AdSense के साथ घरेलू ब्रांड डील्स जैसी टैक्सेबल इनकम भी शामिल हो सकती है। घरेलू ब्रांड स्पॉन्सरशिप पर 18 फीसदी GST लागू होता है।
AdSense या YouTube पार्टनर प्रोग्राम की पेमेंट पर TDS नहीं काटा जाता। हालांकि, अमेरिकी व्यूअर्स से जुड़ी कमाई के हिस्से पर US विदहोल्डिंग टैक्स लग सकता है। AdSense में सही US टैक्स इंफॉर्मेशन देने पर India-US टैक्स ट्रीटी के तहत 15 फीसदी दर का लाभ लिया जा सकता है, जबकि डिफॉल्ट विदहोल्डिंग रेट 24 से 30 फीसदी तक हो सकती है।
YouTube की कमाई पर टैक्स की गणना कैसे होगी इसके लिए सेखरी एक उदाहरण बताती हैं कि 42,000 डॉलर की AdSense कमाई को 93.50 रुपये की TT रेट पर बदलने पर रकम 39.27 लाख रुपये बनती है। इसमें 9 लाख रुपये की घरेलू स्पॉन्सरशिप जोड़ने पर कुल बिजनेस रिसीट्स 48.27 लाख रुपये हुए। 9.60 लाख रुपये के मान्य बिजनेस खर्च घटा दें, तो टैक्सेबल बिजनेस प्रॉफिट 38.67 लाख रुपये रहा। अब वित्त वर्ष 2025-26 के न्यू-रिजीम स्लैब के तहत 38.67 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स 7,40,100 रुपये बनता है। इसके अलावा, 4 फीसदी सेस के रूप में 29,604 रुपये और जुड़ेंगे, जिससे कुल टैक्स देनदारी 7,69,704 रुपये हो जाती है।
बिजनेस से जुड़े कैमरे, लैपटॉप, लाइटिंग और अन्य उपकरणों पर हुए खर्च, एडिटर, स्क्रिप्ट राइटर और फ्रीलांसर को किए गए पेमेंट, सॉफ्टवेयर और सब्सक्रिप्शन की लागत, बिजनेस से जुड़े इंटरनेट और मोबाइल खर्च, स्टूडियो/होम-ऑफिस का किराया और उससे जुड़े खर्च नियमों के तहत डिडक्शन में लिए जा सकते हैं।