
वाहनोंं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी गाड़ियों में 6 एयरबैग अनिवार्य कर दिए हैं, लेकिन कभी कभी सभी सुरक्षा उपायों के बावजूद चीजें आपके खिलाफ काम करती हैं। जब बुरा वक्त आता है, तो मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सब विफल हो सकते हैं। ऐसा ही कुछ क्रेटा के मालिक के साथ हुआ जब एक दुर्घटना में उसकी कार के एयरबैग खुलने में विफल रहे।
हुंडई क्रेटा एयरबैग के ना खुनले से क्रेटा के मालिक शैलेंद्र को काफी कुछ सहना पड़ा। इन्होने हताश होकर न्याय पाने के लिए एक लंबा सफर तय किया। घटना 16 नवंबर 2017 की है, जब दिल्ली-पानीपत हाईवे पर अपनी Creta 1.6 VTVT SX+ चलाते समय इसके मालिक का एक्सीडेंट हो गया था। इस कार को अगस्त 2015 में खरीदा गया था और इसके फ्रंट में दो एयरबैग थे। मालिक ने इस SX+ मॉडल को इसलिए चुना क्योंकि वह बेहतर सुरक्षा की तलाश में था। बावजूद इसके उन्हें क्रेटा ने धोखा दे दिया।
दुर्घटना में दाहिने हाथ सामने की छत, फ्रंट पिलर, डोर पैनल, साइड बॉडी पैनल और लेफ्ट हैंड फ्रंट व्हील सस्पेंशन की पूरी तरह से क्षति हुई। चूंकि एयरबैग नहीं लगा तो मालिक के सिर और छाती में चोटें आईं। क्रेटा के मालिक के अनुसार, चोटों का सीधा संबंध एयरबैग के न लगाने से था। चूंकि यह एक बड़ी चूक थी, क्रेटा के मालिक ने दिल्ली राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग में मामला दर्ज कराया। राज्य आयोग ने मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया और हुंडई को मुआवजे के रूप में 3 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। इसमें 2 लाख रुपये चिकित्सा खर्च और 50 हजार रुपये आय के नुकसान के लिए और 50 हजार रुपये मुकदमेबाजी की लागत के लिए शामिल थे।