कई बार तो लोग ट्रैफिक में फंस जाने के डर से अपनी कार निकालने से परहेज करते हैं।अगर आप भी इस समस्या से दो-चार हो
नई दिल्ली: भारत में ट्रैफिक एक बहुत बड़ी समस्या है और अगर ऐसे में कार बड़ी हो तो कहने ही क्या। कई बार तो लोग ट्रैफिक में फंस जाने के डर से अपनी कार निकालने से परहेज करते हैं।अगर आप भी इस समस्या से दो-चार हो चुके हैं तो ये खबर आपके लिए हैं क्योंकि हम आपको एक ऐसी कार के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी भी जगह आराम से फिट हो सकती है।1950 और 1960 के दशकों में बबल कार के नाम से फेमस अंडे के आकार की इस कार का अब स्विटजरलैंड में रहने वाले २ भाई टूसीटर वर्जन तैयार कर रहे हैं।
साइज की बात करें तो ये नैनो से भी छोटी है और लुक में भी कमोबेश वैसी ही नजर आती है।दिसंबर में लॉन्च होने वाली इस कार ओलिवर और मर्लिन आउबोटर नाम के भाइयों ने बनाया है।इन्होने अपनी नई 'बबल कार' का नाम Microlino रखा है। आपको बता दें अब तक इस कार के 7,200 से ज्यादा आॅर्डर आ चुके हैं
माइक्रोलिनो में 20 हॉर्सपावर वाले इलेक्ट्रिक मोटर से Isetta के पुराने सिंगल सिलिंडर पेट्रोल इंजन को रिप्लेस किया गया है।वहीं इसके डोर हैंडल Fiat 500 से लिए गए हैं।
महज 5 सेकंड में ही 0 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ने में सक्षम है।वहीं इसकी टॉप स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसका कर्ब वेट 450 किलोग्राम है। वहीं रेंज की बात करें तो ये 120 किलोमीटर से 215 किलोमीटर तक है। जो इसकी 8 kWh या 14.4 kWh बैटरी पर डिपेंड करेगी।इस कार को चार्ज करने में 4 घंटे का समय लगेगा।
कीमत- इस कार की कीमत 12 हजार यूरो के आसपास होनी है।