मारुति की योजना पेट्रोल और सीएनजी कारों के साथ-साथ इकोफ्रेंडली हाइब्रिड कारों और इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में उतारने की है
नई दिल्ली: अप्रैल 2020 से देश में भारत स्टेज-6 यानी बीएस-6 प्रदूषण मानक लागू होने हैं। नए मानक लागू होने से पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत और डीजल वाहनों की कीमतें 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। इससे पहले मारुति ने भी डीजल कारों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने बाद छोटी कारों में डीजल इंजन बंद करने का ऐलान किया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएस-6 मानक लागू होने के बाद सभी सेगमेंट की गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, जिसके चलते दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2019 में डिमांड में तेजी आ सकती है, वहीं पहली छमाही में गाड़ियों की बिक्री में कमी दर्ज की जाएगी।
मारुति सीएनजी वाहनों पर फोकस करना चाहती है, जिसके लिए उन्होंने योजना के तहत अपने डीलरों से सीएनजी डिस्पेंसिंग स्टेशंस का लाइसेंस लेने के लिए कहा था।
Maruti Suzuki और Mahindra जल्द ही कारों में डीजल इंजन से तौबा कर सकती हैं। दोनों ही कंपनियां डीजल कारों पर निर्भरता खत्म करने की योजना पर काम कर रही हैं। मारुति चाहती है कि डीजल की बजाय सीएनजी पर निर्भरता बढ़ाई जाए।
मारुति की योजना पेट्रोल और सीएनजी कारों के साथ-साथ इकोफ्रेंडली हाइब्रिड कारों और इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में उतारने की है बीएस 4 में मौजूदा बीएस 6 डीजल इंजनों को अपग्रेड करना उन्हें काफी महंगा बना देगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मारुति ने डीजल इंजन बंद करने की योजना बनाई है।