चंदौली में गेल इंडिया पाइपलाइन के लिये जमीन अधिग्रहण से नाराज किसा पिछले 20 दिन से धरने पर बैठे हैं।
चंदौली. गेल इंडिया की ओर से गैस पाइप लाइन बिछाने को लेकर जमीन अधिग्रहण के विरोध में पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे किसानों को अब समाजवादी पार्टी का साथ मिल गया है। किसानों के इस लड़ाई में सामाजवादी युवजन सभा के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह काका भी कूद पड़े हैं। सपा का कहना है कि वह किसानों की इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है। प्रभावित किसान अपनी मांग को लेकर पिछले 20 दिन से धरने पर बैठे हैं। पर न जिला प्रशासन और न ही गेल इंडिया के अधिकारी और न जनपद का कोई जनप्रतिनिधि किसानों की सुध लेने मौके पर पहुंचा है। नाराज किसानों ने काम रुकवा दिया है और कार्यस्थल पर ही धरने पर डटे हुए हैं।
किसानों इस बात से हैं नाराज
किसानों का आरोप है की गेल इंडिया किसानों की जमीन जबरिया धामरा गैस पाइपलाइन के लिए ले रही है । जिस जगह से पाइप लाइन जा रही है उसके 30 मीटर के दायरे में किसान खेती के सिवा अपनी जमीन पर कुछ भी नहीं कर सकते । यही नहीं ना वह बाकी बची जमीन पर मकान बनवा सकते हैं नाही नए हैंडपंप लगवा सकते हैं । किसान सिर्फ खेती ही कर सकते है । इसकी उपयोगिता 90 फ़ीसदी तक गेल इंडिया द्वारा ली जा रही है और छतिपूर्ति सिर्फ 10 फिसदी दी जा रही है । यही नही कहीं तो 10 फीसदी भी भुगतान नहीं हो पा रही है । पूरे चंदौली और बनारस जनपद के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
समाजवादी पार्टी का किासनों को मिला साथ
सपा युवजन सभा के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह काका ने इस धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पिछले 3 दिनों में दर्जनों गांव का पदयात्रा किया और किसानों की मांग को लेकर बारीकी से अध्ययन किया है। यही नहीं उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पूरे मामले से अवगत कराया और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मनोज सिंह काका और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में किसानों को इस लड़ाई में हर संभव मदद देने का किसानों को आश्वासन भी दिया है।
मनोज सिंह काका का कहना है सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है और उन्हें अधिकृत जमीन के एवज में पर्याप्त भुगतान नहीं किया जा रहा है । जो कि किसी भी प्रकार सहने योग्य नहीं है । समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता किसानों के साथ है और हम किसानों को न्याय दिला कर ही दम लेंगे।
300 गांव हो रहे प्रभावित
यह गैस पाइपलाइन चहनिया ब्लाक के सराय गांव से गंगा नदी पार करके जिले की सीमा में दाखिल हो रहा है और जिले के यूपी बिहार बॉर्डर पर स्थित बरहनी ब्लाक के चारी चिरईगांव होते हुए बिहार में दाखिल हो रहा है । इस पाइपलाइन के जद में जिले के लगभग 300 गांव प्रभावित हो रहे हैं।
By Santosh Jaiswal