
UP STF Gangster Arrest: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 21 जुलाई एसटीएफ की एक विशेष टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित और ₹50,000 के इनामी अभियुक्त तौहीद पुत्र कासिम को चंदौली जनपद के सैय्यदराजा थाना क्षेत्र स्थित मतीजा अंडरपास से गिरफ्तार किया। तौहीद पर गोवंश तस्करी और संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप हैं और वह कई महीनों से फरार चल रहा था।
एसटीएफ की इकाई को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में वांछित और इनामी अपराधी सक्रिय हो सकते हैं। इसी कड़ी में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में मुख्य आरक्षी प्रभाकर पाण्डेय, मुख्य आरक्षी गौरव सिंह, और मुख्य आरक्षी प्रशांत कुमार सिंह शामिल थे। सूत्रों से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर टीम ने 21 जुलाई की दोपहर लगभग 02:15 बजे मतीजा अंडरपास, थाना सैय्यदराजा, चंदौली के निकट जाल बिछाया और आरोपी तौहीद को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में तौहीद ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी कर असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भेजता था। उसके अनुसार, उसका एक संगठित गिरोह इस अवैध व्यापार में संलिप्त है, जो एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से काम करता है।
तौहीद इससे पहले जुलाई 2023 में गोवध रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका है। नवंबर 2023 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद वह फरार हो गया और हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में छिपकर रह रहा था।
इन सभी मामलों में आरोपी की संलिप्तता सिद्ध हो चुकी है या जाँच प्रक्रिया में है। गैंगस्टर एक्ट के तहत उसके विरुद्ध की गई कार्रवाई के तहत ही उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में संगठित अपराध के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाया है। इसमें पशु तस्करी, हथियारों की तस्करी, नकली नोटों का जाल, और ड्रग्स माफिया जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, "गैंगस्टर एक्ट के तहत यह गिरफ्तारी हमारी निरंतर अभियान का हिस्सा है। तौहीद जैसे आरोपी समाज में कानून व्यवस्था को सीधे चुनौती देते हैं। ऐसे तत्वों पर नकेल कसना हमारी प्राथमिकता है।"
गिरफ्तारी के बाद आरोपी तौहीद को संबंधित धाराओं में थाना सैय्यदराजा, जनपद चंदौली में पंजीकृत मु०अ०सं० 216/2023 (गैंगस्टर एक्ट) के तहत दाखिल किया गया है। अब आगे की विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी। अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
यह मामला उत्तर प्रदेश में गैरकानूनी पशु तस्करी की गंभीरता को उजागर करता है। पशु तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं, पर्यावरणीय असंतुलन, और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी जुड़ते हैं। तौहीद जैसे अपराधी, जिनका नेटवर्क राज्य से बाहर तक फैला हो, प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनते हैं। सरकार द्वारा लागू गैंगस्टर एक्ट जैसे सख्त प्रावधानों का उद्देश्य ऐसे अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना है। इस प्रकार की कार्रवाई आम जनता में विश्वास की भावना को मजबूत करती है और कानून का प्रभावी संदेश देती है।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश की यह कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। तौहीद जैसे संगठित अपराध में लिप्त व्यक्ति की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह एक पूरे नेटवर्क पर प्रहार है। इस गिरफ्तारी से यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में ऐसे ही सक्रिय अपराधियों और फरार इनामियों के खिलाफ सघन अभियान चलाए जा सकते हैं