
Punjab News: पंजाब में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर विवाद अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। राशन कार्ड सत्यापन के काम में शिक्षकों को लगाए जाने और ड्यूटी नहीं करने पर नोटिस दिए जाने के बीच कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भगवंत मान सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सभी उपायुक्तों को शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से दूर रखने का निर्देश दिया है।
राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब पंजाब के सरकारी स्कूलों में 31,370 शिक्षक पद खाली हैं, तब मौजूद शिक्षकों को पढ़ाई के बजाय दूसरे सरकारी कामों में क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने राशन कार्ड सत्यापन के लिए शिक्षकों को नोटिस दिए जाने का मुद्दा भी उठाया।
वड़िंग के मुताबिक सरकार पहले भी कई बार कह चुकी है कि शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि शिक्षक SIR, BLO और दूसरे सर्वे जैसे कामों के बाद अब राशन कार्ड सत्यापन में भी लगाए जा रहे हैं।
पिछले दिनों स्मार्ट राशन कार्ड के आवेदनों की जांच के लिए कुछ जिलों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। लुधियाना में 314 शिक्षकों को प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने पर नोटिस दिए जाने की खबर सामने आई। अमृतसर, बरनाला और कुछ अन्य इलाकों में भी शिक्षकों को नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई।
शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही उन पर कई तरह के अतिरिक्त सरकारी काम हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी मिलने से स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के लिए समय कम हो रहा है। कुछ शिक्षक संगठनों ने राशन कार्ड सत्यापन की ड्यूटी का विरोध भी किया।
विवाद बढ़ने के बीच शिक्षा सचिव सोनाली गिरि ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि शिक्षकों और लेक्चररों को सर्वे, सत्यापन या दूसरे गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कामों में नहीं लगाया जाए। विभाग ने माना कि शिक्षकों को बार-बार स्कूल से बाहर भेजने का असर कक्षा की पढ़ाई, अकादमिक काम और छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर पड़ता है।
हालांकि चुनाव, जनगणना और आपदा प्रबंधन जैसी कानून के तहत आने वाली जिम्मेदारियों को इससे अलग रखा गया है। यानी हर सरकारी ड्यूटी पर पूरी तरह रोक नहीं है, लेकिन बाकी कामों में शिक्षकों की तैनाती नहीं करने को कहा गया है।
यही वह बिंदु है जहां राजा वड़िंग के बयान को लेकर राजनीतिक बहस और शिक्षा विभाग का आदेश एक-दूसरे से जुड़ते नजर आते हैं। एक तरफ सरकार का विभाग कह रहा है कि शिक्षक कक्षा में रहें, दूसरी तरफ हाल में राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी को लेकर नोटिस जारी होने की खबर सामने आई।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नया आदेश जिला स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होता है और जिन शिक्षकों को ऐसी ड्यूटी दी गई थी, उनके पुराने आदेशों और नोटिस का क्या होता है। कुल मिलाकर सवाल सिर्फ शिक्षकों की ड्यूटी का नहीं है। सवाल यह भी है कि जब स्कूलों में हजारों पद खाली हैं, तो उपलब्ध शिक्षकों का समय कक्षा में बच्चों के साथ कितना रह पा रहा है।