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Punjab News: अंतिम संस्कार के बाद परिवार को पता चला जिंदा है बेटा, जेल से आए फोन ने बदली पूरी कहानी

Kapurthala News: कपूरथला में एक परिवार ने जिस युवक को अपना लापता बेटा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया, वह कुछ दिन बाद जिंदा मिला। परिवार को 2 सितंबर को जेल से फोन आया, जिसमें बताया गया कि रवि कुमार सेंट्रल जेल में बंद है।
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Updated: 6 Sep 2026, 3:58 PM IST
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कपूरथला सेंट्रल जेल। फाइल फोटो- पत्रिका

कपूरथला। पंजाब के कपूरथला में एक परिवार ने युवक को अपना लापता बेटा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन कुछ दिन बाद उनका बेटा जिंदा मिल गया। परिवार को उसके जीवित होने की जानकारी तब मिली, जब कपूरथला सेंट्रल जेल से फोन आया और बताया गया कि रवि कुमार नाम का एक युवक जेल में बंद है। यह सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए। एक रिपोर्ट के अनुसार रवि कुमार 5 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला तो पिता और भाई ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की।

कोई सुराग नहीं मिला

रिश्तेदारों और परिचितों से भी उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने 11 अगस्त को कपूरथला सिटी पुलिस स्टेशन में संपर्क किया और रवि कुमार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार अपने बेटे की तलाश कर ही रहा था कि इसी बीच पुलिस ने उन्हें एक युवक का जला हुआ शव मिलने की जानकारी दी। पुलिस ने परिवार को शव की तस्वीरें भी दिखाई थीं। तस्वीरें देखने के बाद परिवार के सदस्यों और अन्य रिश्तेदारों ने शव की पहचान रवि कुमार के रूप में कर ली।

परिवार ने शव का अंतिम संस्कार किया

परिवार को लगा कि लंबे समय से लापता उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। इसके बाद 13 अगस्त को परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में नया मोड़ 2 सितंबर को आया। उस दिन कपूरथला सेंट्रल जेल के एक कर्मचारी ने परिवार को फोन किया। कर्मचारी ने बताया कि रवि कुमार नाम का एक व्यक्ति जेल में बंद है। परिवार ने जब यह बात सुनी तो वे हैरान रह गए, क्योंकि कुछ दिन पहले ही वे रवि कुमार समझकर एक शव का अंतिम संस्कार कर चुके थे।

जालंधर पुलिस ने किया था गिरफ्तार

जानकारी मिलने पर परिवार के लोगों ने जेल जाकर युवक के बारे में पता किया। वहां उन्होंने रवि कुमार को जिंदा देखा। इसके बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस बेटे को वे मृत समझ चुके थे, वह उनके सामने जीवित था। बताया गया है कि रवि कुमार को जालंधर पुलिस ने करीब एक महीने पहले आवारागर्दी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कपूरथला सेंट्रल जेल में रखा गया था। इस दौरान परिवार को उसके जेल में होने की जानकारी नहीं मिली। अब सबसे बड़ा सवाल उस जले हुए शव की पहचान को लेकर है, जिसका परिवार ने रवि कुमार समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि शव की पहचान में गलती कैसे हुई।

Updated on:
6 Sep 2026, 3:58 PM IST
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