
Brother Sister Snake Bite Death: मध्य प्रदेश में बरसात का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश (Snake Bite) के कारण मौत के मामले सामने आ रहे है। ताजा मामला छतरपुर जिले से सामने आया है जहां, एक ही रात में जेहरीले सांप ने एक ही घर दो चिराग बुझा दिए। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बेटी को बचाने अस्पताल भागे परिजनों को इस बात की भनक भी नहीं थी कि बहन के बगल में सोए भाई को भी सांप ने डसा था। बहन की अस्पताल में मौत हो गई और जब घर पहुंचे तो भाई की नींद में ही सांसें बंद हो गई थी।
मामला बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अवधपुरा का है। इस दुखद घटना में 12 वर्षीय बालिका और उसके 18 वर्षीय भाई की मौत हो गई। मृतकों की पहचान नेहा कुशवाहा (12) जो कक्षा 6वीं में पढ़ती थी, और उसके बड़े भाई जितेंद्र कुशवाहा (18) के रूप में हुई है। एक ही घर से दो चिराग बुझ जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सोमवार की आधी रात अवधपुरा निवासी नेहा और उसका भाई जितेंद्र घर में फर्श पर सो रहे थे। रात में एक जहरीले सांप ने दोनों के पैरों में डस लिया। सांप के डसते ही दर्द के कारण 12 वर्षीय नेहा की नींद टूट गई। उसने तुरंत परिजनों को उठाया और अपने पैर में सांप के काटने की बात बताई। परिजन बिना वक्त गंवाए नेहा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन जहर का असर शरीर में तेजी से फैल चुका था और इलाज के दौरान जिला अस्पताल में नेहा ने दम तोड़ दिया। बमीठा थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया पंचनामा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल दोनों शवों का पीएम कराया जा रहा है।
चंद्रनगर निवासी रिश्तेदार नीलेश कुशवाहा ने बताया कि घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि जब नेहा को अस्पताल ले जाया जा रहा था. तब उसका भाई जितेंद्र बिस्तर पर गहरी नींद में सोता रहा। परिजनों को भनक तक नहीं लगी कि उसी सांप ने जितेंद्र को भी डसा है। नेहा को अस्पताल ले जाने के कुछ समय बाद जब घर पर मौजूद लोगों ने जितेंद्र की हालत बिगड़ते देखी तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजन आनन-फानन में जितेंद्र को भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर के आसपास झाड़ियां और मलबा न जमा होने दें।
रात में टॉर्च का उपयोग करें।
खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्र में जाने के लिए मजबूत जूते पहनें।
सांप दिखने पर उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
सर्पदंश होने पर सीधे अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें।
-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।