छतरपुर

Chhatarpur news: खेल-खेल में बच्चे ने निगला 5 का सिक्का, 3 दिन पेट में रहा, X-ray में दिखा खतरा

Coin stuck in stomach: 10 साल के बच्चे ने खेलते हुए 5 रुपये का सिक्का निगल लिया। बच्चे के पेट में 3 दिन तक ये सिक्का पड़ा रहा। फिर डॉक्टरों ने निकाला।
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Updated: 9 Sep 2026, 1:28 PM IST
पेट में फंसा 5 रूपए का सिक्का प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
पेट में फंसा 5 रूपए का सिक्का प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Chhatarpur news: मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले के बिजावर तहसील के ग्राम पुखरेला से बच्चे द्वारा सिक्का निगलने का मामला सामने आया है। यहां पर 10 साल के बच्चे ने खेल-खेल में 5 रूपए का सिक्का निगल लिया। परिवार वालों को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली वे घबरा गए और बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे। हालांकि डॉक्टरों की मदद से बच्चे के पेट से बिना किसी परेशानी के सिक्के को बाहर निकाल दिया गया। इस पूरे मामले में डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की पहुंच से छोटी चीजों को दूर रखना चाहिए साथ ही कभी ऐसी कोई घटना हो तो घर में इंतजार करके समय खर्च न करें। तुरंत डॉक्टर के पास दिखाना चाहिए।

ये है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार बृजकिशोर यादव तीन दिन पहले अपने मामा के घर कुंवरपुर गया था। खेलते समय उसने गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल लिया। इसके बाद उसके पेट में दर्द होने लगा। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे में पेट के अंदर सिक्का दिखाई दिया। डॉ. मनोज चौधरी ने बालक की जांच कर बिना बड़े ऑपरेशन के करीब पांच मिनट में सिक्का बाहर निकाल दिया।

सिक्का निकलने के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ। सिक्का निकलने के बाद बच्चे को दर्द से राहत मिली और परिजनों ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने से बच्चे को किसी गंभीर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी कि बच्चों को खेलते समय छोटी वस्तुओं और सिक्कों से दूर रखें। परिजनों ने डॉक्टरों की टीम का आभार जताया।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

केस-1: बीते साल पहले सतना जिले के एक 32 वर्षीय युवक के पेट में तेज दर्द होने पर रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके 263 सिक्के, ब्लेड, कील और लोहे की चेन सहित कुल 5 किलो लोहा निकाला था। बताया गया था कि वह नशे के लिए न सिर्फ दवाइयां लेता था, बल्कि लोहे के सामान भी खाता था। परिजनों ने बताया कि पहले भी पेट में दर्द होने पर उसे डॉक्टर को दिखाया था। वहां डॉक्टरों ने टीबी होने की बात कहकर इलाज भी किया। बाद में उसे रीवा मेडिकल कॉलेज के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

केस-2: छतरपुर जिला अस्पताल में एक 3 वर्षीय बच्चे की आहार नली में 5 रुपए का सिक्का फंस गया था, जिसे सर्जन ने पेशाब नली (यूरिनरी कैथेटर) के इस्तेमाल से बिना बड़े ऑपरेशन के सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

केस-3: जनवरी 2024 में उज्जैन में एक युवती की आहार नली में 13 साल से 1 का सिक्का फंसा हुआ था, जिसे 21 वर्ष की उम्र में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर बाहर निकाला।

Updated on:
9 Sep 2026, 1:28 PM IST
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