23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छतरपुर में आस्था और आधुनिकता के साथ मनी जन्माष्टमी, लड्डू गोपाल के दर्शन से हुई दिन की शुरुआत

वृंदावन की पगड़ी और राजकोट के झूले की रही भारी मांग, कन्हैया के शृंगार और झांकियां सजाने के लिए पूरे दिन दुकानों में लोगों का तांता लगा रहा, रातभर गूंजे भजन
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

छतरपुर

•

image

Dharmendra Singh

•

Updated: 5 Sep 2026, 10:01 AM IST

laddu gopal mandir

लड्डू गोपाल के दर्शन

जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक श्रद्धा, अपार उत्साह और आधुनिकता के अनोखे रंग में धूमधाम से मनाया गया। त्योहार को लेकर पूरे जिले के बाजारों में सुबह से ही जबरदस्त रौनक और हलचल देखने को मिली। घरों से लेकर मंदिरों तक बाल गोपाल भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण दिवस को मनाने के लिए तैयारियां दिनभर चलती रहीं। लोगों ने उपवास रखकर दिनभर प्रभु की भक्ति की और रात में मध्यरात्रि होते ही भगवान का जन्मोत्सव मनाकर बधाई गीत गाए।

सुबह से बाजारों में खरीदारी का माहौल, चढ़ा फलों का पारा

कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर शहर के पन्ना नाका, छत्रसाल चौक, गांधी चौक, बस स्टैंड और हटवारा बाजार में श्रृंगार व सजावटी सामान की दुकानें सजी रहीं। कन्हैया के शृंगार और झांकियां सजाने के लिए पूरे दिन दुकानों में लोगों का तांता लगा रहा। पूजा और व्रत के लिए फलों की भारी मांग रही, जिससे उनके दामों में भी उछाल दर्ज किया गया। आम दिनों में 20 से 30 रुपए किलो बिकने वाला खीरा 40 से 50 रुपए किलो तक बिका। वहीं नाशपाती 80 रुपए, सेब 180 से 220 रुपए और केला 50 से 70 रुपए दर्जन के भाव बिका।

लड्डू गोपाल के दर्शन से की दिन की शुरुआत

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पुलिस लाइन स्थित श्री लड्डू गोपाल मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने बाल रूप लड्डू गोपाल के दर्शन कर अपने दिन की शुरुआत की। पंडित बागीश शर्मा और हरिराम पटेरिया ने बताया कि दर्शन के बाद श्रद्धालु पूरे दिन जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे रहे। इसी तरह नरसिंह मंदिर परिसर स्थित प्रेम प्रतीक राधा-कृष्ण मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही, जहां भागवत कथा व अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

जन्माष्टमी पर हाईटेक हुआ बाजार

बदलते समय के साथ अब धार्मिक उत्सव भी हाईटेक अंदाज में ढलने लगे हैं। इस बार जन्माष्टमी के बाजार में कुछ अनोखे और आधुनिक ट्रेंड्स देखने को मिले। कान्हा के लिए हैप्पी बर्थडे कैप, राधा रानी के लिए मोतियों वाले विदेशी हेड, चश्मे, फैंसी छतरियां और विशेष डिजाइन वाली बांसुरी भी मांग में बनी रहीं।

वृंदावन की पगड़ी और राजकोट के झूले की रही भारी मांग

शहर की रामगली बजरिया के व्यापारी डालडा मातेले ने बताया कि इस बार भगवान के श्रृंगार के लिए कई विशेष सामग्रियां आईं। बाजार में वृंदावन की पगड़ी, बुंदेली साफा और राजकोट से आए विशेष हिंडोले (झूले) लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। पीतल के हिंडोले 700 रुपए किलो, व्हाइट मेटल के हिंडोले 100 से 1000 रुपए और चांदी की पॉलिश वाले झूले 500 रुपए तक बिके। कन्हैया के लिए 10 रुपए से लेकर 400 रुपए तक की विभिन्न साइज की पोशाकें और पोशाक के साथ बांसुरी व मुकुट के ओमप्लेट सेट भी बिके।

रात भर चला भजन-कीर्तन, आधी रात को हुआ अवतरण

जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान व नाम जप करने से संसार के प्रति आसक्ति दूर होती है। मध्यरात्रि को 12 बजते ही मंदिरों और घरों में ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और जय कन्हैया लाल की के जयकारों के साथ जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान की प्रतिमा को पालने में विराजमान कर झूला झुलाया गया और श्रद्धालुओं ने रातभर जागकर भजन-कीर्तन व महाआरती की।

थानों, जेल और खजुराहो में विदेशी पर्यटकों संग मना उत्सव

जिला मुख्यालय में पुलिस लाइन रोड स्थित मंदिर के अलावा जिले के सभी थानों और जेल परिसर में भी मनमोहक सजीव झांकियां सजाई गईं। खजुराहो में यशोवर्मन टैक्सी चालक यूनियन द्वारा आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां राधा-कृष्ण की झांकी के साथ बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ भ्रमण पर आए विदेशी पर्यटकों ने भी बड़े उत्साह से भाग लिया और लोक भजनों पर नृत्य किया।