Ken-Betwa link project: केंद्रीय बजट 2026-27 में केन-बेतवा लिंक परियोजना को 2800 करोड़ रुपए मिले हैं। इससे बुंदेलखंड में नहर, बांध, भूमि अधिग्रहण और जल निकासी कार्य तेज होंगे, जिससे सिंचाई, पेयजल और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
MP News: केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) में बुंदेलखंड क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए कुल 2800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह राशि परियोजना के अगले चरण के कार्यों भूमि अधिग्रहण, नहर निर्माण, बांध (बैराज) तथा जलनिकासी से जुड़े आवश्यक बुनियादी ढांचे को तेजी से लागू करने मैं उपयोग की जाएगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
केन बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य सूखे-ग्रस्त बुंदेलखंड में पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके तहत केन नदी के दौधन बांध से बेतवा नदी तक करीब 221 किलोमीटर लंबी लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा, जिससे न केवल सिंचाई की क्षमता मजबूत होगी बल्कि पेयजल आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
मुख्य बांध निर्माण स्थल केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa link project) से लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई और जल संरक्षण की सुविधा मिलेगी, तथा इस परियोजना से जुड़े लगभग 7 लाख किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभमिलेगा। इससे बुंदेलखंड की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जल संकट से प्रभावित इलाकों की स्थिति में सुधार होगा। सरकार का लक्ष्य यह है कि पुराने बांधों और जल संरचनाओं का भी जीर्णोद्धार परियोजना के तहत किया जाए ताकि जल भंडारण क्षमता बढ़े और आपूर्ति में स्थिरता आए।
परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत भूमि अधिग्रहण (Land acquisition), नहर स्थापना, पंप स्टेशनों का निर्माण और सभी जल निकासी व बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2800 करोड की केंद्रीय आवंटन राशि से परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र की कृषि, सिंचाई व जीवन-स्तर में बदलाव आएगा।
केन नदी पर दौधन बांध का निर्माण पहले से योजना के तहत किया जा रहा है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी संरक्षित करने की व्यवस्था रहेगी और बाद में इसे लिंक नहर के माध्यम से बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस बांध से कृषि, पेयजल और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना की प्रगति के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छतरपुर सहित आसपास के जिलों के करीब 49 गांवों से नहर निर्माण के लिए लगभग 165 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 1134 हेक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, ताकि नहर मार्ग सुनिश्चित किया जा सके। इस मार्ग के जरिए स्थानीय कृषि योग्य भूमि तक पानी पहुंचाने की कवायद जारी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना में नहर के मार्ग में 11 पंप स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से अधिकांश छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और झांसी जिलों में बनेंगे। इन पंप स्टेशनों से माइनर नहरें भी तैयार की जाएंगी, जो खेतों तक पानी पहुँचाने में मदद करेंगी। (MP News)