mp news: पत्रिका की खबर के बाद पुलिस ने बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है..।
mp news: मध्यप्रदेश की छतरपुर पुलिस ने पत्रिका की खबर के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को आरोपी के घर भेजने के मामले में बड़े अधिकारी समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जिनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है उनमें बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, समिति के पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। हालांकि अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भानुप्रताप जड़िया पन्ना, सदस्य अंजली भदौरिया पन्ना, आशीष बॉस पन्ना, सुदीप श्रीवास्तव पन्ना और प्रमोद कुमार सिंहपन्ना के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत कायमी की गई है। वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कविता पाण्डेय, काउंसलर प्रियंका सिंह, केस वर्कर शिवानी शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध कायम किया गया है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21, एससीएसटी एक्ट की धारा 4, बीएनएस की धारा 199, 239 सहित एक अन्य महिला अंजली कुशवाहा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पत्रिका ने मामले का खुलासा 2 अगस्त 2025 के अंक में किया था। पवई अनुभाग के एक गांव में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 16 जनवरी 2025 को स्कूल जाने के लिए निकली थी फिर वापस नहीं लौटी। परिजन ने गुमशुदगी दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग को 17 फरवरी 2025 को गुरुग्राम हरियाणा से दस्तयाब किया। नाबालिग को भगा ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। नाबालिग को बाल कल्याण समिति पन्ना के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति ने अस्थाई आश्रय के लिए वन स्टॉफ पन्ना भेज दिया। लेकिन 29 मार्च 2025 को नियम विरुद्ध तरीके से नाबालिग बलात्कार पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया। इधर नाबालिग के परिजनों ने बेटी को सुपुर्द करने कलेक्ट्रेट पन्ना जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने निर्देश दिए तो नाबालिग को 29 अप्रेल 2025 को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। लौटने पर काउंसलिंग में नाबालिग ने खुलासा किया कि उसके साथ कई बार रेप हुआ है। पत्रिका के खुलासे के बाद जिमेदारों की नींद टूटी।