छतरपुर

एमपी के इस जिले में 100 एकड़ में बन सकता है एयरफोर्स का बड़ा एयरबेस

mp news: एयरफोर्स और रक्षा मंत्रालय की टीम ने किया सर्वे, जल्द शुरू हो सकती है जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया...।
2 min read
Oct 20, 2025
airbase
demo pic

mp news: मध्यप्रदेशमें सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस बन सकता है। इस एयरबेस को बनाने के लिए मध्यप्रदेश के खजुराहो में सर्वे किया गया है। एयरफोर्स और रक्षा मंत्रालय की टीम की ओर से किए गए सर्वे में अभी तक सब कुछ ठीक रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अगर आगे भी सब ठीक रहा तो जल्द ही एयरबेस के लिए जो जमीन चिंहित की गई है उसके अधिग्रहण की कार्रवाई भी जल्द शुरू हो सकती है। अगर खजुराहो में ये एयरबेस बनता है तो ये खजुराहो ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी।

100 एकड़ में बन सकता है एयरबेस..

खजुराहो एयरपोर्ट के पास ही एयरबेस के लिए करीब 100 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां फाइटर जेट और सैन्य विमानों का बेड़ा होगा। बताया गया है कि एयरफोर्स ने नए एयरबेस के लिए चार जगहों ग्वालियर, खजुराहो, झांसी और इलाहाबाद में जमीन देखी है और सामरिक व सुरक्षा की लिहाज से खजुराहो को महत्व दिया जा रहा है। बताया ये भी जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एयरफोर्स को सेंट्रल इंडिया में एक ऐसे नए एयरबेस की जरूरत है जहां एयरफोर्स सही तरीके से अपने ऑपरेशन को अंजाम दे सके इसके लिए खजुराहो में भी सर्वे किया गया है और खजुराहो में एयरबेस बनाने को लेकर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है।

एयरबेस के लिए खजुराहो ही क्यों ?

खजुराहो कम आबादी वाला इलाका है इसकी अन्य जगहों से कनेक्टिविटी भी अच्छी है। इसके साथ ही पाकिस्तान की सीमा से खजुराहो न तो काफी नजदीक है और न ही काफी दूर इससे भविष्य में ऑपरेशन के दौरान मदद मिलेगी। इसके साथ ही यहां एयरबेस के विस्तार की भी संभावनाएं हैं और पठारी क्षेत्र होने कारण लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। कहा जा रहा है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही एयरबेस के लिए जमीनों का अधिग्रहण भी शुरू हो सकता है।

Updated on:
20 Oct 2025 12:41 pm
Published on:
20 Oct 2025 12:41 pm
Also Read
View All
रात 1:30 बजे बिस्तर में घुसे सांप ने युवती को डसा, छतरपुर के अस्पताल में भर्ती

Chhatarpur news: ‘रोते-रोते चली गई..’. बेटे का गम भूली नहीं 102 साल की बूढ़ी मां, बहू ने उजाड़ा पूरा घर

भवन निर्माण में भ्रष्टाचार! विश्वविद्यालय की इमारतों की खुली पोल, दीवारों में दरारें और छतों से गिर रहा प्लास्टर, खुले तारों से करंट का खतरा

पॉलीटैक्निक के बाद नौगांव को मिला इंजीनियरिंग कॉलेज, पर बढ़ने के बजाय घट गए कोर्स; कंप्यूटर साइंस जैसा मुख्य विषय गायब!

छतरपुर में हर साल मरम्मत के नाम पर डकार रहे करोड़ों का बजट! मानसून आते ही फिर उखड़ी 5 करोड़ की डामर सडक़, घटिया सीसी पैचवर्क के जुगाड़ पर उतरा पीडब्ल्यूडी