छतरपुर

गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा घर लाने वाले देशवासियों से पंडित धीरेंद्र शास्त्री की खास अपील

Ganesh Chaturthi: पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने देशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई देते हुए गणेश प्रतिमा घर लाने वालों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि, सिर्फ मिट्टी की प्रतिमा ही घर लाएं। उन्होंने वीडियो शेयर कर इसके आध्यात्मिक फायदे भी बताए।
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Ganesh Chaturthi
गणेश प्रतिमा ले जाते नन्हे भक्त, देशवासियों से अपील करते धीरेंद्र शास्त्री (फोटो सोर्स: Patrika+@bageshwardham)

Chhatarpur News : सोमवार को देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम है। ढोल-नगाड़े बजाते खुशी से झूमते-नाचते गणेश भक्त उनकी प्रतिमा लेकर विराजित करने ले जा रहे हैं। गणेश उत्सव के इस पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशवासियों से खास अपील की है। यही नहीं, उन्होंने अपनी इस अपील के अध्यात्मिक फायदे भी बताए हैं।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ पोस्ट करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सबसे पहले वीडियो संदेश में सभी देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस शुभ अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और आम जनता से एक विशेष और पर्यावरण-अनुकूल अपील की है।

'मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा घर लाने की अपील'

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने वीडियो संदेश में देशभर के गणेश भक्तों से आग्रह किया कि, इस बार गणेश चतुर्थी पर अपने घरों में सिर्फ और सिर्फ मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा ही लेकर आए और अपने घरों में स्थापित करें। उन्होंने मिट्टी की प्रतिमा के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि, 'मिट्टी से बनी प्रतिमा का प्रभाव अत्यंत शुभ और फलदायी होता है।'

घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी- पंडित शास्त्री

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे ये भी कहा कि, 'मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन बेहद आसान और पवित्र तरीके से किया जा सकता है। पूजा-अर्चना के बाद इसे अपने घर में ही किसी बड़े बर्तन में एक सांकेतिक कुंड बनाकर विसर्जित करें और उसके बाद उसके घर के किसी गमले या बगीचे की मिट्टी में मिला लें। ऐसा करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।'

POP की मूर्तियों पर चिंता

प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी से बनी मूर्तियों के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, पीओपी की मूर्तियां जलस्रोतों और नदियों में विसर्जित होने के बाद भी सालों तक नष्ट नहीं होतीं। नदियों और तालाबों के किनारों पर भगवान की टूटी-फूटी प्रतिमाओं को देखना बेहद दुखद और कष्टदायक होता है। उन्होंने आगे कहा कि, 'भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं। जो भी भक्त सच्चे मन, पूर्ण श्रद्धा और नियम-संयम से उनकी पूजा-अर्चना करता है, उसे भगवान गजानन से रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।'

Updated on:
14 Sept 2026 04:16 pm
Published on:
14 Sept 2026 04:15 pm