1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रिश्वत लेने में इंदौर की महिला कर्मचारी सबसे आगे, 2 हजार से 1 लाख तक लेते पकड़ाईं

Bribe Cases In MP : आठ माह में 10 अधिकारी-कर्मचारी लोकायुक्त के शिकंजे में आईं... भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर से है काफी ज्यादा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 14 Sep 2026, 1:33 PM IST

Bribe Cases In MP

इंदौर की महिला कर्मचारी ले रहीं सबसे ज्यादा रिश्वत (फोटो सोर्स: AI Generated)

Indore News : सरकारी दफ्तरों में महिलाओं की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं तो रिश्वत की शिकायतों पर होने वाली लोकायुक्त की कार्रवाई में भी उनकी मौजूदगी सामने आ रही है। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त के आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में पिछले 8 महीने में 10 महिला अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते ट्रैप हुई हैं। ये संख्या भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत दूसरे प्रमुख जिलों से अधिक है।

इंदौर के बाद भोपाल में 4, जबलपुर में 3 और ग्वालियर में 2 महिला अधिकारी - कर्मचारियों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई सामने आई। रीवा, सीधी, सागर, उज्जैन और मंदसौर में एक-एक मामला दर्ज हुआ। इससे साफ है कि, शिकायतों पर कार्रवाई किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रही। 2 हजार से 1 लाख तक की रकम मांगी इंदौर के मामलों में रिश्वत की रकम 2 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक रही। उपलब्ध मामलों में जिला परियोजना अधिकारी शीला एक लाख रुपए लेते ट्रैप हुई थीं।

ये प्रमुख मामले

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की प्राचार्य मनीषा के मामले में रकम 2 हजार रुपए थी। पटवारी प्रियंका, महिला एवं बाल विकास विभाग की अंजली, पटवारी भारती, कला नगर निगम की वार्ड प्रभारी संध्या समेत अन्य मामलों में भी लोकायुक्त ने कार्रवाई की। एक मामले में महिला अधिकारी की जगह उसका पति रिश्वत की रकम लेने पहुंचा। आयुष कार्यालय से जुड़े प्रकरण में पति नरेंद्र को 10 हजार रुपए लेते पकड़ा गया और उसे भी आरोपी बनाया गया।

बड़े पद से लेकर मैदानी अमले में भी हैं कलाकार

इन मामलों में एक और बात सामने आती है कि कार्रवाई केवल किसी एक स्तर के कर्मचारी तक सीमित नहीं है। जिला स्तर के अधिकारी से लेकर स्कूल प्राचार्य, पटवारी, महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर निगम के मैदानी अमले तक शिकायतों पर ट्रैप कार्रवाई हुई है। हालांकि ट्रैप की संख्या को महिलाओं में भ्रष्टाचार की दर नहीं माना जा सकता। यह केवल उन मामलों का आंकड़ा है, जिनमें शिकायत मिली और जांच के बाद एजेंसी ने कार्रवाई की।

जिलेवार महिला ट्रैप

-इंदौर: 10
-भोपाल: 4
-जबलपुर: 3
-ग्वालियर: 2
-रीवा/ सीधी/ सागर/ उज्जैन/ मंदसौर: 1-1

रिश्वत की प्रमुख रेंज

-इंदौर: 2 हजार से 1 लाख तक
-भोपाल: 2,500 से 1 लाख तक
-ग्वालियर: 5 हजार से 20 हजार तक
-जबलपुर: 4,500 से 5 हजार
-रीवा/सीधी: 8 हजार
-सागर: 2,500
-उज्जैन/मंदसौर: 15 हजार