छिंदवाड़ा

छिंडवाड़ा के प्रसिद्ध पोला त्योहार पर दुखद हादसा, बैल धोते वक्त खदान में डूबा शख्स, रेस्क्यू में जुटी SDRF

Man Drown : प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ज्ञानेश्वर अच्छा तैराक था और एक बार पानी से बाहर भी आया, लेकिन दोबारा गहरे पानी में जाने के बाद वो बाहर नहीं निकला।
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Updated: 10 Sep 2026, 5:03 PM IST
Man Drown
खदान में डूबे शख्स को बोट से तलाशती पुलिस टीम (फोटो सोर्स: Patrika)

Chhindwara News :मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के प्रसिद्ध तीजा पोला त्योहार के दिन जिले के सौंसर में उस समय मातम पसर गया, जब खदान के गहरे गड्ढे में डूबने से एक शख्स लापता हो गया है। ​घटना लोधीखेड़ा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले ग्राम वाढोना की है। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिया है।

बताया जा रहा है कि, ये हादसा उस समय हुआ, जब सुबह करीब 10 बजे के आस - पास वाढोना की खदान में भरी पानी पर ले जाकर कुछ ग्रामीण अपने बैलों को धो रहे थे। बेलों को नहलाने के बाद उन्हें त्योहार के हिसाब से तैयार करना होता है, लेकिन इससे पहले के ग्रामीण त्योहारी की खुशियां मनाते, इस हादसे ने ग्रामीणों को सत्ब्ध कर दिया है। सभी कामना कर रहे हैं। गांव का बेटा जल्द से जल्द सकुशल वापस लौट आए।

अच्छा तैराक फिर भी डूब गया ज्ञानेश्वर

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, ग्राम खैरी तायगांव में रहने वाले ज्ञानेश्वर बांगड़े भी उनके साथ बेल नहलाने आया था। बेल नहलाने के बाद खुद नहाने और तैरने के उद्देश्य से पानी से भरे गड्ढे में कूद गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ज्ञानेश्वर अच्छा तैराक था और एक बार पानी से बाहर भी आया, लेकिन दोबारा गहरे पानी में जाने के बाद वो बाहर नहीं निकल सका। ​युवक के अचानक गायब होने से मौके पर हड़कंप मच गया और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

रेस्क्यू में जुटी SDRF

मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस की सूचना पर छिंदवाड़ा से एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। एसडीआरएफ की टीम पानी के भीतर युवक की तलाश में जुटी है, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद खबर लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं लग सका है।

खुली पड़ी खदानों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में वर्षों से खुली पड़ी डोला माईट की खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, खनन के बाद इन कई फीट गहरे गड्ढों को बिना सुरक्षा बंद किए यूं ही खुला छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में ये गड्ढे लबालब भरकर जानलेवा जलाशय का रूप धारण कर लेते हैं।

Updated on:
10 Sep 2026, 5:03 PM IST
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