
तबादले के नाम पर लाखों की ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरफ्तार (फोटो सोर्स: Ajay Verma)
Shajapur News :मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले शुजालपुर में सरकारी कर्मचारियों को मनचाही जगह तबादला कराने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले फर्जी अफसर को पोलायकलां पुलिस ने 8 माह बाद सूबे के अनूपपुर जिले के कोतमा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का उपसंचालक अथवा डिप्टी डायरेक्टर बताकर विभागीय कर्मचारियों को फोन करता था। तबादले की फाइल बड़े अधिकारियों के पास होने का झांसा देकर वो अलग-अलग किस्तों में रुपए मोबाइल नंबरों और यूपीआई खातों में जमा करवा लेता था।
पुलिस के अनुसार अवंतिपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य केंद्र देवली में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भट्ट ने अप्रेल 2025 में तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। 9 दिसंबर 2025 की शाम मोबाइल पर कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना नाम मनोज सरियाम बताते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश का उपसंचालक बताया।
आरोपी ने संदीप से कहा वो एमडी के पास बैठा है और तबादला संबंधी आवेदन सामने रखा है। तत्काल रुपए देने पर तबादला कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी की बातों में आकर संदीप ने दो अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से एक लाख रुपए उसके बताए नंबरों पर जमा कर दिए। रुपए लेने के बाद आरोपी ने दो दिन में तबादला आदेश आने की बात कही, लेकिन काफी समय बाद भी आदेश नहीं आया। संदेह होने पर विभागीय स्तर पर जानकारी लेने पर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीडि़त ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की और पुलिस को भी रिपोर्ट दी।
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने लगातार आरोपी की तलाश की और आखिरकार उसे अनूपपुर जिले के कोतमा से गिरफ्तार कर लिया और शुजालपुर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया। पोलायकलां पुलिस के अनुसार मामले में अभी दो आरोपियों की तलाश और जारी है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारियों का इस्तेमाल अपने ठगी के नेटवर्क के लिए किया। पोलायकलां चौकी प्रभारी दीपक धु्रर्वे ने बताया कि आरोपी सरकारी दर्पण पोर्टल से ग्राम पंचायत सचिवों के मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके बाद वह सचिवों से गांव में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मियों और एएनएम की जानकारी तथा मोबाइल नंबर जुटाकर सीधे उन्हें फोन करता था। खुद को स्वास्थ्य विभाग अथवा एनएचएम का वरिष्ठ अधिकारी बताकर तबादला कराने का भरोसा देता और रुपए की मांग करता था। वह पहले संभावित शिकार की जानकारी जुटाता था और फिर उसी कर्मचारी को ऐसी जानकारी बताकर विश्वास में लेता था, जिससे कर्मचारी को लगता था कि फोन वास्तव में विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने किया है।
इसके बाद वह भोपाल के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने, तबादले की फाइल उनके पास होने और तत्काल आदेश जारी कराने का झांसा देता था। कई बार रुपए एक साथ लेने के बजाय अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई स्वास्थ्य कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को अपना शिकार बनाया है। अब पुलिस उसके मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और यूपीआई लेन-देन की जांच कर ऐसे अन्य मामलों का पता लगाने में जुटी है।
शुजालपुर मंडी थाना इलाके में भी आरोपी ने तबादले के नाम पर इसी तरीके से कुल 2 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की थी। मेहरखेड़ी में पदस्थ सीएचओ हेमा से 6 दिसंबर 2025 को आरोपी ने संपर्क किया और खुद को एनएचएम भोपाल का डिप्टी डायरेक्टर मनोज सरियाम बताते हुए इंदौर तबादला कराने का भरोसा दिया। आरोपी ने पहले चार अलग-अलग किस्तों में हेमा से 65 हजार रुपए ऑनलाइन जमा करवाए। अगले दिन फिर फोन कर और रुपए की मांग की तथा पांच अलग-अलग किस्तों में 95 हजार रुपए और ट्रांसफर करवाए।
इस तरह हेमा से कुल 1 लाख 60 हजार रुपए ऐंठे गए। इसके बाद आरोपी ने हेमा की सहेली श्रेष्ठा से भी तबादले के नाम पर संपर्क किया और उससे 50-50 हजार रुपए, यानी कुल एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। दोनों महिलाओं से मिलाकर आरोपी ने 2 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की। पीडि़ता की शिकायत पर 24 दिसंबर 2025 को शुजालपुर मंडी थाने में अपराध दर्ज किया गया था।
शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी शिवकुमार यादव ने बताया कि, आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद न्यायालय से उसे शुजालपुर मंडी पुलिस को सौंपे जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि शुजालपुर में दर्ज प्रकरण के साथ-साथ उसके अन्य मामलों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके।
Updated on:
10 Sept 2026 02:48 pm
Published on:
10 Sept 2026 02:48 pm
