छिंदवाड़ा

शादी के मंडप में दुल्हन ने प्रेमी को वरमाला पहनाकर लगा लिया गले, दूल्हा देखता रह ग

MP News : मुजावर गांव में शादी के दौरान दुल्हन ने दूल्हे की बजाय अपने प्रेमी को वरमाला पहनाकर सबको चौंका दिया। घटना के बाद हंगामा हुआ, दूल्हे ने शादी से इनकार किया और मामला थाने पहुंच गया।
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शादी के मंडप में दुल्हन ने दूल्हे के बजाए प्रेमी को पहना दी वरमाला (Photo Source- Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया के अंतर्गत आने वाले मुजावर गांव में आयोजित एक शादी समारोह के मंडप में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां दुल्हन ने सबके सामने दूल्हे के बजाए अपने प्रेमी के गले में वरमाला डालकर उसे गले लगा लिया और धूमधाम से बारात लेकर आए दूल्हा के साथ साथ घराती और बारातियों समेत समारोह में शामिल हर कोई हक्का-बक्का रह गया। उमरेठ थाना इलाके में हुई इस घटना ने न सिर्फ शादी की रस्मों को अधूरा छोड़ा, बल्कि दोनों परिवारों को भी सदमे और शर्मिंदगी का कारण बन गया।

बताया जा रहा है कि, ये घटना 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात की है। परासिया से आई बारात पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ मुजावर गांव पहुंची थी। घरातियों द्वारा बारात का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। भोजन के बाद जैसे ही वरमाला की रस्म शुरू हुई, दूल्हा मंच पर खड़ा इंतजार कर रहा था। इसी दौरान दुल्हन को मंच पर लाया गया, लेकिन उसने अचानक दिशा बदलते हुए पंडाल में मौजूद अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। यही नहीं, वो उससे लिपट भी गई। इस नजारे को जिस किसी ने भी देखा, हक्का-बक्का रह गया। काफी देर समारोह में शामिल मेहमान और घर वाले कुछ समझ ही नहीं पाए। पंडाल में सन्नाटा छा गया।

हंगामे के बाद बिना दुल्हन के लौटी बारात

हालांकि, कुछ देर बाद शादी की खुशियों वाला माहौल तनावपूर्ण हो गया। वधु पक्ष के लोगों ने गुस्से में आकर युवती और उसके प्रेमी की जमकर पिटाई भी की। हालात बिगड़ते देख दूल्हे ने समझदारी का उदाहरण देते हुए स्थितियों को संभालने के लिए तुरंत विवाह से इंकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। घटना के बाद वर पक्ष ने उमरेठ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दबाव में तय हुई थी शादी

ग्रामीणों के अनुसार, युवती का पहले से ही एक युवक से प्रेम संबंध था, लेकिन परिवार के दबाव में उसकी शादी तय कर दी गई थी। हालांकि, शादी के दिन उसने सबके सामने अपना निर्णय जाहिर कर दिया। परासिया इलाके में इस तरह की ये दूसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले खिरसाडोह में भी फेरे के दौरान दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया था, जिससे दूल्हा को बिना दुल्हन लिए ही घर लौटना पड़ा था। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में दूल्हे के पास कानूनी कार्रवाई का अधिकार होता है। वो धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और खर्च की भरपाई के लिए अदालत का सहारा लेने का अधिकार रखता है।

Updated on:
30 Apr 2026 07:38 am
Published on:
30 Apr 2026 07:38 am