- पीआईयू ने कहा अब तक 198 करोड़ रुपए खर्च - शेष निर्माण के लिए कर रहे प्रयास
Chhindwara Medical College सिम्स के निर्माण में प्रदेश सरकार इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में सौ करोड़ रुपए की राशि देगी। इससे उत्साहित पीआईयू इस बिल्डिंग के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 198 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आगे भी इलेक्ट्रीफिकेशन, ब्लॉक समेत अन्य निर्माण कार्य पर शेष राशि लग जाएगी।
पीआईयू के मुताबिक मेडिकल कॉलेज सिम्स के निर्माण की 1455.33 करोड़ रुपए की पहली प्रशासकीय स्वीकृति 17 सितम्बर 2019 को दी गई थी। इसमें सिम्स से सम्बंधित अस्पताल, नवीन शैक्षणिक अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण, मशीन, संयंत्र और उपकरणों की स्थापना का प्रावधान है। उसके बाद 22 अक्टूबर 2021 को संशोधित स्वीकृति 665.88 करोड़ रुपए की थी। पहले इसकी निर्माण पूर्ण करने की अवधि 30 महीने 29 मई 2022 तय की गई थी। इस बीच बजट के अभाव में ये मामला टलता गया। नई स्वीकृति के बाद निर्माण की गति में तेजी आई है। अब निर्माण एजेंसी बजट मिलने पर तेजी से काम आगे बढ़ा रही है। इसके चलते बिल्डिंग का आकार मेडिकल कॉलेज के बाजू में दिखाई देने लगा है।
दो साल पहले प्रोजेक्ट का भूमिपूजन 20 नवम्बर 2019 को मेडिकल कॉलेज परिसर में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया था। पीआईयू के अधीन इसका ठेका मुंबई के शापूरजी पालोनजी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को दिया गया। कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद इस प्रोजेक्ट के दुर्दिन शुरू हो गए। शिवराज सरकार आते ही सिम्स की संशोधित लागत 665.88 करोड़ रुपए कर दी गई है।
बजट कटौती से सिम्स में हृदय रोग और कैंसर के स्पेशल इलाज के ब्लॉक नहीं होंगे। मेडिकल कॉलेज में 250 सीट पर भी कैंची चली है। कॉलेज में अब 150 सीट होगी। पहले यह 1.80 लाख वर्ग मीटर में प्रस्तावित था, अब उसे केवल 69 हजार 500 वर्गमीटर में ही कर दिया गया है। सिम्स में बिस्तर भी 2040 से घटाकर 899 कर दिए गए हैं।
इनका कहना है
मेडिकल कॉलेज सिम्स के निर्माण पर अब तक 198 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इनमें ब्लॉक एवं बिल्डिंग के अन्य स्ट्रक्चर का निर्माण है। आगे भी ये सभी निर्माण तेज गति से होंगे।
-निलेश गुप्ता, संभागीय कार्यपालन यंत्री, पीआईयू छिंदवाड़ा