राज्य मिलेट्स मिशन योजनांतर्गत श्री अन्न कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा एवं रागी की मार्केटिंग करने की शुरुआत गुरुवार को सांसद बंटी साहू ने की।
छिंदवाड़ा.सेहत के प्रति फ्रिकमंद रहना है तो घरों में अपनाइए श्री अन्न कोदो-कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा और रागी। इस अनाज से ही बीपी, शुगर और मोटापा जैसी बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है। खान-पान का ये पुराना ट्रेड नई पीढ़ी के लिए जरूर चुनौतीपूर्ण है लेकिन इस अन्न से दीर्घायु होने का मंत्र लिया जा सकता है।
देखा जाए तो छिंदवाड़ा-पांढुर्ना जिले में करीब 4 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में अनाज और सब्जियां उगाई जा रही है। इस पर करीब 23.76 लाख की आबादी भरण-पोषण कर रही है। खेती में यह चिंताजनक है कि फसल उत्पादन में रासायनिक खाद का इस्तेमाल पहले की अपेक्षा तीन गुना बढ़ गया है। इस खरीफ सीजन में किसानों ने 1.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया समेत अन्य रासायनिक खाद का इस्तेमाल किया। पिछले तीन साल पहले 2021 में यह 1.13 लाख मीट्रिक टन था। इससे समझा जा सकता है कि रासायनिक खाद से उत्पन्न कितना जहरीला अनाज और सब्जियां हम खा रहे हैं। इसके चलते सरकार प्राकृतिक खेती पर जोर दे रही है।
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बीमारियों से आकर्षित कर रहा जैविक अन्न
खेती में रासायनिक खाद के अत्याधिक इस्तेमाल से जैसे-जैसे बीपी, शुगर, मोटापा, अपचन, गैस, कैंसर की बीमारियां सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे खान-पान का पुराना ट्रेड लौट रहा है। हर कोई बाजार में जैविक अनाज और सब्जियां खोज रहा है। अब संसाधन विहीन आदिवासियों और प्रगतिशील किसानों की जैविक खाद से उत्पन्न अनाज और सब्जियां सेहतमंद लोगों की पसंद बनती जा रही है।
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पातालकोट समेत आदिवासी अंचल में सेहतमंद अनाज
जिले में 37 फीसदी आबादी आदिवासी है। छिंदवाड़ा से लेकर तामिया, जुन्नारदेव, बिछुआ, अमरवाड़ा, हर्रई, परासिया और पांढुर्ना में निवासरत ये लोग सदियों से कोदो कुटकी, जगनी समेत अन्य अनाज और सब्जियां बिना रासायनिक खाय के उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते इस क्षेत्र के लोग 115 वर्ष तक जीवित रहने का रिकार्ड बना रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार में जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती का गैर सरकारी आंकड़ा 45 हजार हैक्टेयर है।
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मिलेट्स जागरुकता पर रोड शो
राज्य मिलेट्स मिशन योजनांतर्गत श्री अन्न कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा एवं रागी की मार्केटिंग करने की शुरुआत गुरुवार को सांसद बंटी साहू ने की। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित ग्राउंड में उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने जनसमुदाय को मिलेट्स अपनाने प्रोत्साहित किया। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि बीपी, शुगर व मोटापे की बीमारी के लिए मिलेट्स रामबाण है। सांसद ने मिलेट्स (श्रीअन्न) को स्वास्थ्य वर्धक बताया। मिलेट्स पर आधारित स्लोगन का वाचन किया। सांसद ने कृषि वैज्ञानिकों के मिलेट्स (श्रीअन्न) मार्गदर्शिका का विमोचन किया। फिर सांसद ने जागरुकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रोड शो के लिए रवाना किया। रोड शो में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय पटेल, संतोष पटेल, भारतीय किसान संघ प्रांत मंत्री मेरसिंह चौधरी, जिलाध्यक्ष रामराव लाडे समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित हुए।
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इनका कहना है…
श्री अन्न कोदो, कुु टकी, सवां, ज्वार, बाजरा और रागी को सप्ताह में एक दिन उपयोग करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। मिलेट्स जागरुकता से हमारे आदिवासी किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही हम सेहत के साथ रह पाएंगे।
-जितेन्द्र कुमार सिंह, उपसंचालक कृषि
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