छिंदवाड़ा

एक और भ्रष्ट अधिकारी : 4 लाख की रिश्वत लेते जनपद CEO ट्रैप

खतरे का आभास होते ही ड्राइवर को दिलाया लाखों रुपए का लिफाफा..लोकायुक्त ने उसे भी आरोपी बनाया...
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Updated: 15 Apr 2022, 7:02 PM IST
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छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचारी अधिकारी कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा लगातार कस रहा है लेकिन इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों में बैठे अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव का है जहां जनपद पंचायत के सीईओ को 4 लाख 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोर अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

विकास कार्यों की मंजूरी के बदले मांगी थी रिश्वत
जबलपुर लोकायुक्त को कुकर पानी ग्राम पंचायत के सचिव सरवन लाल यदुवंशी के बेटे रोहन यदुवंशी ने शिकायत करते हुए बताया कि था कि उसके पिता निशक्त है जिसके कारण वही सारे काम करता है। गांव में निस्तारी तालाब, दो पुलिया व मेड बंधान के साथ ही हितग्राहियों के खेतों में भूमि सुधार का काम होना था। जिसकी तकनीकी स्वीकृति लेने के लिए जब जुन्नारदेव जनपद पंचायत के सीईओ सुरेन्द्र साहू के पास पहुंचा तो उन्होंने इसके एवज में 4 लाख 25 हजार रुपए की मांग की। लोकायुक्त ने मामले की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वतखोर सीईओ को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।


फंसने का आभास होते ही ड्राइवर को दिलाई रिश्वत
प्लानिंग के तहत जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को प्रार्थी रोहन यदुवंशी को 4 लाख 25 हजार रुपए लेकर रिश्वतखोर सीईओ सुरेन्द्र साहू को देने के लिए भेजा। लेकिन शायद सीईओ को पहले ही फंसने का आभास हो गया था जिसके कारण उसने रिश्वत की रकम अपने ड्राइवर मिथुन पवार को देने के लिए कहा। जैसे ही प्रार्थी ने रिश्वत के पैसों से भरा लिफाफा ड्राइवर मिथुन को दिया तो उसने तुरंत लिफाफा बाइक के कवर में रख दिया। इतने में ही लोकायुक्त की टीम वहां पहुंची और ड्राइवर को धरदबोचा। लोकायुक्त ने इस मामले में ड्राइवर को सह आरोपी और सीईओ को मुख्य आरोपी बनाया है। ट्रेप दल में उप पुलिस अधीक्षक दिलीप झरबडे, निरीक्षक स्वप्निल दास, निरीक्षक भूपेंद्र कुमार दीवान शामिल रहे।

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