छिंदवाड़ा

शादी में रायता खाने के बाद रैबीज की दहशत, 250 मेहमान वैक्सीन लगवाने पहुंचे

MP News: शादी समारोह के बाद अचानक दहशत का माहौल बन गया, जब यह खुलासा हुआ कि जिस गाय के दूध से तैयार किए गए महीसे बना रायता मेहमानों को परोसा गया, उसे डेढ़ माह पहले कुत्ते ने काटा था।

2 min read
MP News Rabies शादी में रायता खाने के बाद रैबीज की दहशत (source: patrika)

MP News: छिंदवाड़ा शहर के समीप भैसादंड गांव में एक शादी समारोह के बाद अचानक दहशत का माहौल बन गया, जब यह खुलासा हुआ कि जिस गाय के दूध से तैयार किए गए मही से बना रायता मेहमानों को परोसा गया, उसे डेढ़ माह पहले कुत्ते ने काटा था। अचानक गाय बीमार हो गई। जिससे लोगों में रैबीज की दहशत फैली और वे एंटी रैबीज इंजेक्शन(Anti-rabies injection) लगवाने के लिए गांव के उपस्वास्थ्य केन्द्र में पहुंचे। इसके चलते 250 से ज्यादा लोगों को एहतियातन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचे।

ये भी पढ़ें

ग्वालियर में कुत्ते के काटने से महिला की मौत, हवा-पानी से लगने लगा था डर

सैकड़ों लोगों ने खाया था रायता

जानकारी के मुताबिक, भैसादंड निवासी लेखराम सोनी की गाय को करीब डेढ़ महीने पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन उस समय उसका उपचार नहीं कराया गया। मंगलवार 5 मई को गांव में एक शादी समारोह था, जिसमें लेखराम के घर से करीब 15 लीटर मही (छाछ) सहित अन्य घरों से भी कुल 250 लीटर मही लेकर रायता तैयार किया गया। शादी में शामिल सैकड़ों लोगों ने भोजन के साथ यह रायता भी खाया।

संक्रमित दूध से बना रायता

अगले ही दिन गाय की तबीयत बिगड़ गई और पशु चिकित्सक को बुलाया गया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गाय को पहले कुत्ते ने काटा था। जैसे ही यह जानकारी गांव और शादी में शामिल लोगों तक पहुंची, दहशत फैल गई। लोगों को आशंका हुई कि कहीं संक्रमित दूध से बना रायता पीने से रैबीज का खतरा न हो।

स्थिति को देखते हुए तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। उप स्वास्थ्य केंद्र भैसादंड में जिला अस्पताल से एंटी रैबीज वैक्सीन मंगाई गई। पंचायत और स्वास्थ्य अमले की मौजूदगी में ग्रामीणों को टीके लगाए जाने शुरू हुए। बुधवार शाम तक 250 से अधिक लोग टीकाकरण करा चुके थे, जबकि यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

शादी में पहुंचे थे एक हजार से ज्यादा लोग

बताया जा रहा है कि शादी समारोह में करीब एक हजार लोग शामिल हुए थे, जिससे आने वाले दिनों में टीकाकरण का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल जिला अस्पताल से 400 डोज उपलब्ध कराए गए हैं। गांगीवाड़ा पंचायत के सचिव सुनील कपाले के अनुसार, गाय के बीमार होने के बाद रैबीज की आशंका के चलते लोग एहतियातन टीका लगवा रहे हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गाय में रैबीज के लक्षण

गाय के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है, जिसमें रैबीज के लक्षण दिख रहे है। वह काफी मात्रा में लार गिरा रही है, मंगलवार से पानी नहीं पिया है। वह पानी से डर रही है। रैबीज होने पर जानवर पानी से डरने लगता है। इस स्थिति में एक से दो दिन में जानवर की मौत हो जाती है। - डॉ लोकेश बेलवंशी, पशु चिकित्सा अधिकारी, छिंदवाड़ा

ये भी पढ़ें

सिर्फ डॉग नहीं, गिलहरी, चमगादड़ बाइट से लेकर घर की किचन तक पहुंचा रेबीज
Published on:
07 May 2026 01:03 pm
Also Read
View All