Scholarship Money: छिंदवाड़ा पुलिस ने स्कॉलरशिप की रकम से खरीदी गई देशी पिस्टल की तस्करी का भंडाफोड़ किया। खरगोन से आए असली सप्लायर का सुराग अब तक नहीं मिला।
Gun Trafficking: छिंदवाड़ा की देहात पुलिस ने अवैध देशी पिस्टल (country-made pistol) तस्करी मामले का मंगलवार को खुलासा किया है तथा दो आरोपियों को पकड़ा है। देहात पुलिस ने सबसे पहले एक युवक को पकड़ा जिसने स्कॉलरशिप में मिले पैसों से देशी पिस्टल खरीदी थी तथा उसे ज्यादा कीमत में बेचने की फिराक में था।
पुलिस ने पूछताछ की तो एक अन्य युवक का नाम बताया जिससे उसने यह हथियार खरीदा था। यह देशी पिस्टल खरगोन के सप्लायर ने छिंदवाड़ा शहर में लाकर बेची थी, जिसको पकड़ने में पुलिस अभी सफल नहीं हो पाई है। शहर के पकड़े गए आरोपियों के तार जिले में भी कई तस्करों से जुड़ रहे हैं इससे पहले देहात पुलिस ने जो कार्रवाई की थी उसके तार भी कोयलांचल में न्यूटन के दो युवकों से जुड़ रहे हैं। (MP News)
देहात टीआई गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि 19 नवंबर 2025 को देहात पुलिस को सूचना मिली थी कि रोहना बायपास पर एक व्यक्ति देशी पिस्टल बेचने की फिराक से घूम रहा है। घेराबंदी कर अंकित झिनझोनकर (23) निवासी मऊ मोहखेड़ को पकड़ा था जिसके पास से पुलिस ने एक देशी पिस्टल बरामद की है।
पूछताछ में अंकित ने बताया कि पंचशील कॉलोनी छिंदवाड़ा निवासी हर्ष उर्फ अनुराग तिवारी (23) से नागपुर मार्ग पर 18 हजार रुपए में पिस्टल खरीदी था तथा अपनी स्कॉलरशिप के रुपए दिए थे। अंकित एक साल पहले बी फार्मा कर रहा था। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर हर्ष उर्फ अनुराग तिवारी को पकड़ा जो कि पूर्व में भी हथियार तस्करी के धंधे में शामिल रहा है। हर्ष को यह देशी पिस्टल रिंगरोड में खरगोन से आए व्यक्ति ने 15 हजार रुपए में बेची थी।
पकड़े गए आरोपी हर्ष उर्फ अनुराग तिवारी पर हत्या, मारपीट, आर्म्स एक्ट के मामले पूर्व में दर्ज हुए है। आरोपी दो माह पहले हत्या के मामले में नरसिंहपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा हुआ था तथा जमानत पर छूटने के बाद पिछले माह कोतवाली पुलिस ने एक पिस्टल के साथ उसे गिरफ्तार किया था। कार्रवाई में एएसआई संदीप सिंह राजपूत, आरक्षक सौरभ बघेल, बृजेश पाल, साइबर सेल प्रधान आरक्षक नितिन, आदित्य की भूमिका रही है। (MP News)