
चित्रकूट. मंदिर पर ढोल मंजीरों की थाप पर भगवान का कीर्तन चल रहा था। सभी मदमस्त होकर भक्ति धुन पर थिरक रहे थे। वातावरण भक्तिमय हो उठा था। उधर मौसम की अंगड़ाई भी शुरू हो चुकी थी। कीर्तन के बीच कुछ ग्रामीणों ने मौसम के बदलते रुख की जानकारी कीर्तन में मस्त लोगों को दी लेकिन सभी भक्तिरस में इतने सराबोर थे कि उन्होंने इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया। कुछ ही देर में आसमान से बादलों की गर्जना सुनाई देने लगी और चमकती बिजली ने मौसम के बदलते बिगड़ते रुख का एहसास करा दिया। कीर्तन मंदिर के पास स्थित पीपल के पेड़ के नीचे चल रहा था।
भगवान का नाम जपते लोगों पर आसमान से गिरी मौत ने एक व्यक्ति को अपनी आगोश में ले लिया जबकि दो व्यक्ति अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद गांव में गम का माहौल है। सभी अब उसी ऊपरवाले को कोस रहे हैं जिसके नाम का कीर्तन मंदिर में आयोजित किया गया था। मृतक के परिजनों में कोहराम मचा है।
मंदिर में हो रहा था कीर्तन
घटना कर्वी कोतवाली क्षेत्र के गढीवा गांव की है। गांव में स्थित भैरव बाबा के मंदिर पर गांव के राजा भइया नाम के व्यक्ति ने भजन-कीर्तन का आयोजन कराया था। देर रात ग्रामीण ढोल मंजीरों की थाप पर कीर्तन करने में मस्त थे। मंदिर के पास पीपल के पेड़ नीचे रात में उच्च स्वर में कीर्तन करते हुए ग्रामीणों को यह एहसास भी नहीं था कि अगले पल क्या होने वाला है।
आसमान में शुरू हुई गर्जना चमकने लगी बिजली और फिर
इस दौरान आसमान में गर्जना शुरू हो गई। आमतौर पर भक्ति भाव में मस्त भक्त इस तरह के मौसम को ऐसे मौकों पर ऊपरवाले की प्रसन्नता समझते हैं और यही समझ उन ग्रामीणों को भारी पड़ गई जो आस्था में डूबते हुए कुदरत का तकाज़ा न समझ पाए। गर्जम के साथ तेज बारिश होने लगी और बिजली की गड़गड़ाहट भी। मौसम के बिगड़े मिजाज को भांपते हुए कई ग्रामीण तो बारिश से बचने के लिए अपने घर चले गए लेकिन कीर्तन करने में मस्त चार ग्रामीण पीपल के पेड़ के नीचे डटे रहे।
आसमान से गिरी मौत
बारिश और बिजली की चमक व गड़गड़ाहट के बीच भी कीर्तन चालू था कि अचानक आंखों को चकाचौंध करने वाली आकाशीय बिजली मौत बनकर ग्रामीणों पर गिरी। गाज की चपेट में आकर रामलाल नाम के कीर्तन कर रहे ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई जबकि छोटेलाल राजनारायण व् राजेश नाम के ग्रामीण बुरी तरह झुलस गए।
मचा कोहराम
जिस जगह पर कुछ देर पहले ईश्वर का भजन कीर्तन हो रहा था अब वहां पर उसी ईश्वर को कोसते हुए मृतक व् घायलों के परिजनों का करुण क्रंदन माहौल को गमगीन बना रहा था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने झुलसे लोगों को तुरंत अस्पताल भेजवाया। जिस ग्रामीण रामलाल की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आकर हुई है वह इसी तरह धार्मिक आयोजनों में ढोलक बजाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था, उसकी मौत के बाद अब उसकी पत्नी व् बच्चों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।