
चित्रकूट. नशे के काले कारोबार की एक छोटी मछली को शिकंजे में लेते हुए पुलिस ने 5 कुंतल गांजा बरामद किया है, जिसकी नशे के बाज़ार में कीमत लगभग 22 लाख रुपये आंकी गई है। तस्करों के इस रैकेट में शामिल बड़ी मछलियों तक खाकी के हांथ कब पहुंचेंगे यह तो एक यक्ष प्रश्न है? फ़िलहाल एक गांजे की तस्करी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर खाकी अपनी पीठ थपथपा रही है। नशे के सौदागर उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गांजा मंगवाते हैं और फिर यूपी के कई जनपदों में इसकी सप्लाई की जाती है इसका खुलासा गिरफ्त में आए अभियुक्त ने किया। इससे पहले भी जनपद में लाखों की कीमत कई कुंतल गांजा कई बार पकड़ा गया है जो इस बात कि तस्दीक करता है कि चित्रकूट नशे के काले कारोबार के लिए कितना मुफीद स्थान बनता जा रहा है।
जनपद में नशे के सौदागरों का दखल किस कदर बढ़ रहा है इसकी एक और स्पष्ट तस्वीर उस समय देखने को मिली जब पुलिस के हांथ एक ऐसा गांजा तस्कर लगा जो किसी फ़िल्मी कहानी की तरह गांजा तस्करी को काफी दिनों से अंजाम दे रहा था। जिस तरह फिल्मो में दिखाया जाता है कि नशे के सौदागर वैध कामों की आड़ में अवैध कामों को अंजाम देते हैं ठीक उसी तरह असल जिंदगी में भी कुछ वैसा ही होता पाया गया।
किराना की दुकान की आड़ में नशे का कारोबार
जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र में एक ऐसे व्यक्ति को खाकी ने गिरफ्तार किया जो अपनी किराना की दुकान की आड़ में नशे का गोरखधंधा करता था। थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इलाके के दूकानदार के यहां उसके घर में गांजे की बड़ी खेप आई हुई है और दुकानदार काफी दिनों से इस कारोबार में लिप्त है। पुलिस ने सूचना पर कार्यवाही करते हुए अवधराज नाम के व्यक्ति के यहां छापा मारा तो जो उसके घर में बरामद हुआ उसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए।
बरामद हुआ 22 लाख का 5 कुंतल गांजा
पुलिस ने अवधराज के घर से दरअसल गांजे की बड़ी खेप बरामद की जिसकी मात्रा लगभग 5 कुंतल निकली और बाज़ार में जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रूपये आंकी गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
उड़ीसा व आंध्र प्रदेश से मंगाया जाता है गांजा
पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के हवाले से खुलासा किया गया कि चित्रकूट के ही बृजेश व् बद्री नाम के दो व्यक्तियों द्वारा गांजा तस्करी का कारोबार किया जाता है। तीन दिन पहले उक्त दोनों व्यक्ति अभियुक्त के घर एक डीसीएम से गांजे की खेप लेकर पहुंचे और उसे अपने उसके(अभियुक्त) घर में छिपा दिया गया। एसपी ने बताया कि उड़ीसा व् आंध्र प्रदेश से गांजा मंगवाकर उक्त लोगों द्वारा चित्रकूट बांदा फतेहपुर कौशाम्बी रायबरेली आदि जनपदों में उसकी सप्लाई की जाती है। एक अभियुक्त तो हत्थे चढ़ गया है अन्य की तलाश भी जारी है।
चालाकी से देते हैं तस्करी को अंजाम
एसपी मनोज कुमार झा ने जानकारी देते हुए बताया कि गांजे को कुछ इस तरह से रखा जाता है ट्रकों में कि प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस को पता न लगे। गांजे की बोरियों के ऊपर फल सब्जी पत्थर आदि रख दिए जाते हैं गुमराह करने के लिए। ये जो खेप पकड़ी गई है इसे भी कटहल से भरे डीसीएम से लाया गया था लेकिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।