चित्तौड़गढ़ में बीजेपी नेता और कारोबारी रमेश ईनाणी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रमताराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 30 साल पुराने संपत्ति विवाद में हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपी फरारी के दौरान कई राज्यों में छिपता रहा।
Ramesh Inani Murder Case: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाजपा नेता और कूरियर व्यवसायी रमेश ईनाणी की हत्या के मुख्य आरोपी रमताराम को गिरफ्तार कर लिया है। ईनाणी की पिछले साल 11 नवंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि पुलिस ने आरोपी को जिले में दो नदियों के संगम पर स्थित एक मंदिर परिसर की घेराबंदी कर दबोचा। फिलहाल, आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
चित्तौड़गढ़ एसपी मनीष त्रिपाठी के अनुसार, यह घटना 11 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे हुई थी। रमेश ईनाणी अपने घर से स्कूटर पर सवार होकर ऑफिस जा रहे थे। तभी सिटी पेट्रोल पंप के पास मोटरसाइकिल सवार एक हमलावर ने, जिसने हेलमेट पहन रखा था, उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में ईनाणी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी साजिश करीब 30 साल पुराने संपत्ति विवाद के कारण रची गई थी। आरोपी रामताराम का ईनाणी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। एसपी त्रिपाठी ने बताया कि इसी रंजिश के चलते रामताराम ने ईनाणी को रास्ते से हटाने के लिए शूटर किराए पर लिए थे।
हत्याकांड के बाद आरोपी रामताराम गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में ठिकाने बदल-बदल कर छिपता रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए उदयपुर रेंज के आईजी ने इनाम की राशि 10,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए और फिर अंततः 50,000 रुपए कर दी थी।
मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। मनीष कुमार दुबे (37): मुख्य शूटर, जिसे 12 नवंबर को पकड़ा गया। भजनराम गुरु (37): 8 जनवरी को गिरफ्तारी और अरविंद दुबे: हथियार सप्लाई करने के आरोप में 16 मार्च को पकड़ा गया।
घटना के तुरंत बाद मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पर भारी विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने सीधे तौर पर रमताराम का नाम लेते हुए उसकी जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। पीड़ित के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान किन-किन लोगों ने रमताराम को शरण दी और उसकी आर्थिक मदद की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मददगारों पर भी कानून कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी रमताराम को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इस रिमांड अवधि के दौरान पुलिस हत्या की साजिश, फरारी में मददगारों और अन्य छिपे हुए राज उगलवाने के लिए गहन पूछताछ करेगी, जिससे मामले की कड़ियां जुड़ सकें।