चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ में सरपंच चुनाव परिणाम आते ही बवाल: हार के बाद पोलिंग पार्टी पर पथराव, गाड़ियां तोड़ीं; कमरों में छिपकर बचाई जान

चित्तौड़गढ़ के नेतावलगढ़ पाछली में सरपंच चुनाव में हार के बाद समर्थकों ने पोलिंग पार्टी पर पथराव कर वाहनों के कांच तोड़ दिए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर मुख्य आरोपी समेत 4-5 लोगों को गिरफ्तार किया।
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Updated: 6 Nov 2026, 6:49 PM IST
chittorgarh sarpanch election result 2026
जोनल मजिस्ट्रेट की बोलेरो के शीशे तोड़े (फोटो सोशल मीडिया)

Chittorgarh Panchayat Election Result 2026: चित्तौड़गढ़ जिले की नेतावलगढ़ पाछली ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात जमकर बवाल हुआ। पराजित प्रत्याशी के समर्थकों ने पुनर्मतगणना की मांग को लेकर हंगामा करते हुए पोलिंग पार्टी और मतगणना केंद्र पर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले से मतदानकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कर्मचारियों ने स्कूल के कमरों में छिपकर शरण ली। पथराव में मतदान दल के वाहनों और जोनल मजिस्ट्रेट की बोलेरो के शीशे टूट गए। वहीं, दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। मामले में पराजित प्रत्याशी के पति जितेंद्र शर्मा समेत चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद देर रात तक इलाके में पुलिस बल तैनात रहा।

रामेश्वरलाल धाकड़ 456 वोटों से जीते, पुनर्मतगणना की मांग पर विवाद

नेतावलगढ़ पाछली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को मतगणना केंद्र बनाया गया था। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे मतगणना पूरी होने के बाद रामेश्वरलाल धाकड़ को सरपंच पद पर विजयी घोषित किया गया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 456 वोटों के अंतर से हराया।

परिणाम घोषित होने के बाद पराजित प्रत्याशी अर्चना शर्मा के पति जितेंद्र शर्मा ने पुनर्मतगणना की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीणों ने मतदान में गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग के आरोप भी लगाए। शुरुआत में नारेबाजी और विरोध हुआ, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते डेढ़ सौ से अधिक लोग मौके पर एकत्र हो गए।

मतदानकर्मियों ने कमरों में छिपकर बचाई जान

आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने मतगणना केंद्र के बाहर से मतदान दल और स्कूल परिसर को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। पत्थरों से बचने के लिए मतदानकर्मी और अन्य कर्मचारी स्कूल के कमरों में छिप गए।

इस दौरान परिसर के बाहर खड़ी बस और जोनल मजिस्ट्रेट की बोलेरो के शीशे तोड़ दिए गए। वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। उपद्रवियों ने इलाके की स्ट्रीट लाइटों को भी निशाना बनाया, जिससे आसपास अंधेरा छा गया। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में दो पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। करीब आधे घंटे तक हंगामा और पथराव चलता रहा।

एसपी पहुंचे मौके पर, लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा

घटना की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पराजित प्रत्याशी के पति जितेंद्र शर्मा समेत चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, नवनिर्वाचित सरपंच रामेश्वरलाल धाकड़ को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उनके पैतृक गांव भेरूसिंहजी का खेड़ा पहुंचाया गया।

रात दो बजे तक तैनात रहा पुलिस जाब्ता

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। मतगणना केंद्र पर देर रात करीब दो बजे तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे रही, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। फिलहाल, विवाद की वजह चुनाव परिणाम के बाद लगाए गए फर्जी मतदान और गड़बड़ी के आरोप बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन परिणाम के बाद हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ ने गांव में तनाव पैदा कर दिया।

Updated on:
6 Nov 2026, 6:49 PM IST
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