Boundary Wall Dispute: चित्तौड़गढ़ शहर में पुलिस लाइन के समीप होमगार्ड कार्यालय की बाउंड्रीवॉल को लेकर छिड़ा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
Boundary Wall Dispute: चित्तौड़गढ़ शहर में पुलिस लाइन के समीप होमगार्ड कार्यालय की बाउंड्रीवॉल को लेकर छिड़ा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। नगर परिषद द्वारा दीवार को मास्टर प्लान के विरूद्ध बताने और होमगार्ड विभाग की ओर से जमीन पर अपना हक जताने के बीच फंसा यह मामला अब जिला कलक्टर डॉ. मंजू की टेबल पर है। जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलक्टर को सौंप दी है, जिसके बाद दीवार के अस्तित्व पर आज या कल में अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब नगर परिषद ने होमगार्ड विभाग द्वारा नवनिर्मित सुरक्षा दीवार को 'अतिक्रमण' और 'मास्टर प्लान में बाधक' करार दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में नगर परिषद ने ही होमगार्ड विभाग को यह जमीन आवंटित की थी।
होमगार्ड अधिकारियों का तर्क है कि जब 3 महीने से दीवार का निर्माण चल रहा था, तब परिषद मौन थी। अब निर्माण पूर्ण होने के बाद अचानक नगर परिषद की ओर से पक्का निर्माण तोड़ने की कार्रवाई करना समझ से परे है। होमगार्ड विभाग की ओर से कार्रवाई का कड़ा विरोध करने पर नगर परिषद ने तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोक दिया था।
नगर परिषद आयुक्त कृष्णगोपाल माली की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। रविवार के अवकाश के दिन अचानक जेसीबी लेकर होमगार्ड परिसर पहुंचना और कार्रवाई का प्रयास करना चर्चा का विषय बना हुआ है। होमगार्ड कमांडेंट और बटालियन ने एकजुट होकर इस कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद प्रशासन को दखल देना पड़ा। हालांकि तब तक दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलक्टर ने यूआइटी सचिव कैलाशचंद्र गुर्जर की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी। समिति ने दोनों पक्षों के दस्तावेज खंगाले और मौके का मुआयना करने के बाद रिपोर्ट तैयार की। सचिव गुर्जर ने बताया कि उन्होंने कलक्टर को जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलक्टर को सौंप दी है, जिसके बाद दीवार के अस्तित्व पर आज या कल में अंतिम फैसला आने की उम्मीद है। हालांकि कलक्टर कार्यालय की ओर रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया गया है।