चित्तौड़गढ़

Chittorgarh: डिजिटल पोषाहार 40,000 परिवारों तक पहुंचा, चेहरा देखते ही मिल रहा राशन,’टेक होम राशन’ सिस्टम हाईटेक

Take Home Ration Scheme: महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ियों में अब पोषाहार वितरण की व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक हो गई है। 'टेक होम राशन' के वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने एक अप्रेल से फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) को ब्रह्मास्त्र बनाया है।

2 min read
प्र​तीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Take Home Ration Scheme: महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ियों में अब पोषाहार वितरण की व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक हो गई है। 'टेक होम राशन' के वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने एक अप्रेल से फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) को ब्रह्मास्त्र बनाया है।

अब लाभार्थियों को राशन के लिए न तो लाइनों में लगने की जरूरत है और न ही मशीन पर बार-बार अंगूठा घिसने की मजबूरी, बस एक बार मोबाइल कैमरा सामने आएगा और पोषाहार आपके हाथ में। आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को पोषाहार के रूप में खिचड़ी, दलिया और दूध दिया जाता है। इसी प्रकार गर्भवती, धात्री महिलाओं को खाद्य सामग्री का किट उपलब्ध कराया जाता है।

ये भी पढ़ें

कलक्टर अंकल! हर दिन ‘अग्निपरीक्षा’ है…इस तपती दोपहर से बचाइए, मासूमों पर हीटस्ट्रोक तक का खतरा

53 हजार से अधिक चेहरों की हुई पहचान

विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस नई तकनीक का रिस्पॉन्स काफी उत्साहजनक रहा है। जिले में कुल 55,971 लाभार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से विभाग ने अब तक 53,973 लाभार्थियों की आधार फेस मैचिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह तकनीक न केवल फर्जीवाड़े पर लगाम लगा रही है।

40 हजार परिवारों तक पहुंचा 'डिजिटल पोषाहार'

चेहरा पहचानने की इस तकनीक के जरिए अब तक 40,229 लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण किया जा चुका है। इस सिस्टम से वितरण प्रक्रिया में तेजी आई है और 'रियल टाइम' डेटा अपडेट हो रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने स्मार्ट फोन के जरिए लाभार्थी का चेहरा स्कैन करती हैं, जिसका मिलान सीधे आधार सर्वर से होता है। मिलान सही होते ही पोषाहार का वितरण कर दिया जाता है।

निम्बाहेड़ा में सर्वाधिक और राशमी से सबसे कम वितरण

विभाग के अनुसार निम्बाहेड़ा में 99.56 फीसदी लाभार्थियों को एफआरएस के माध्यम से पोषाहार दिया जा चुका है। इसी प्रकार बेगूं में 81.10, बड़ी सादड़ी में 75.35, चित्तौड़गढ़ ग्रामीण में 74.19, भैंसरोडगढ़़ में 71.88, भोपालसागर 70.26, भदेसर में 68.02, कपासन 66.20, चित्तौड़गढ़ सिटी 60.87, गंगरार में 56.03, डूंगला में 54.79 और राशमी में 46.89 प्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण किया गया है।

अप्रेल के अंत तक शत-प्रतिशत वितरण का लक्ष्य

जिले में लाभार्थियों को फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। अभी तक 71 प्रतिशत से अधिक को वितरित किया जा चुका है, शेष को 30 अप्रेल तक शत-प्रतिशत वितरण करवाया दिया जाएगा।
-विजय चौधरी, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग चित्तौड़गढ़

ये भी पढ़ें

राजस्थान के युवक की कनाडा में मौत, 10 दिन बाद भी घर नहीं पहुंची पार्थिव देह, परिवार की राष्ट्रपति से गुहार
Also Read
View All