चित्तौड़गढ़

Inspirational Story: सरकारी स्कूल या कॉर्पोरेट ऑफिस? स्कूल स्टाफ ने इरादों के बजट से बदली सूरत

School Transformed like a Corporate Office: चित्तौड़गढ़ जिले में मंडफिया का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय किसी मल्टीनेशनल कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस जैसा नजर आ रहा है। इस कायापलट की कहानी किसी सरकारी बजट से नहीं, बल्कि स्कूल स्टाफ के इरादों के बजट से लिखी गई है।

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स्कूल स्टाफ ने खुद फंड जुटाकर बनवाया स्कूल का एंट्री गेट, पत्रिका फोटो

Government School Transformed: सामान्यतया सरकारी स्कूल का नाम आते ही जेहन में बदहाल दीवारें और सुविधाओं के अभाव तस्वीर उभरकर सामने आती है, लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले में मंडफिया का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इस छवि को आईना दिखा रहा है। यहां का नजारा किसी मल्टीनेशनल कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस जैसा है। इस कायापलट की कहानी किसी सरकारी बजट से नहीं, बल्कि स्कूल स्टाफ के इरादों के बजट से लिखी गई है।

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बजट का इंतजार नहीं, स्टाफ ने खुद जुटाए 3 लाख

विद्यालय में वर्षों से एक भव्य प्रवेश द्वार की दरकार थी। कागजी कार्रवाई और बजट की लंबी प्रक्रिया के बीच प्रधानाचार्य दिनेश चन्द बैरवा और उनके स्टाफ ने अनूठी मिसाल पेश की। स्टाफ ने अपनी मेहनत की कमाई से करीब तीन लाख रुपए का फंड जुटाया और स्कूल को एक ऐसा भव्य प्रवेश द्वार दिया, जो अब इलाके की पहचान बन गया है। 26 जुलाई 2025 को जिस द्वार की नींव रखी गई थी, वह आज शान से खड़ा स्टाफ के समर्पण की कहानी कह रहा है।

तकनीक से हुआ स्मार्ट बदलाव

विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से स्कूल को हाईटेक बनाया गया है।

चप्पे-चप्पे पर नजर: सुरक्षा के लिए पूरे स्कूल और हर क्लास रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

डिजिटल कनेक्टिविटी: पूरा परिसर अब वाई-फाई जोन बन चुका है।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम: हर कमरे में माइक और स्पीकर लगे हैं, जिससे प्रिंसिपल ऑफिस से सीधे छात्रों से संवाद होता है।

लुक ऐसा कि नजर न हटे: दीवारों पर क्रिस्टी, फर्श पर मोजेक

स्कूल की मीरा सर्कल बिल्डिंग से लेकर मुख्य कमरों तक, सब कुछ नया है। क्लासरूम में अब पुरानी फर्श की जगह चाइना मोजेक चमक रही है। खिड़कियों-दरवाजों पर मैचिंग पर्दे, प्रधानाचार्य कक्ष में शानदार क्रिस्टी वर्क और हाई-क्वालिटी पेंट स्कूल को लग्जरी लुक देता है। इतना ही नहीं, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर और पौधों के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन तक बिछाई गई है।

तीन साल में ऐसे बदली स्कूल की 'कुंडली'

हाइजीन: छात्राओं के लिए शौचालय में इंसीनेटर और आधुनिक प्यूरीफायर।

पर्यावरण: किचन गार्डन डेवलप किया और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया।

मैनेजमेंट: राज्य स्तरीय कला महोत्सव की सफल मेजबानी कर श्रेष्ठता सिद्ध की।

रिफॉर्म: पुराने टूटे पांच चैनल गेट हटाकर नए गेट और चैनल लगवाए।

प्रधानाचार्य की जुबानी

हम चाहते थे कि हमारे स्कूल के बच्चे जब परिसर में कदम रखें, तो उन्हें अहसास हो कि वे दुनिया के बेहतरीन संस्थान में हैं। स्टाफ ने गेट के लिए पैसा दिया और भामाशाहों ने तकनीक में साथ दिया। यह एक टीम वर्क का नतीजा है।

  • दिनेश चन्द बैरवा, प्रधानाचार्य

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