
चित्तौड़गढ़। जिले में भारी बारिश और तेज गर्जना के बीच आकाशीय बिजली ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। जिले के निम्बाहेड़ा उपखंड के कनेरा थाना क्षेत्र स्थित लुनखन्दा गांव में खेत की रखवाली कर रहे एक ही परिवार के तीन लोगों की झोपड़ी पर बिजली गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में दादा, दादी और उनके पांच वर्षीय पोते ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, लुनखन्दा गांव निवासी बद्रीलाल मीणा, उनकी पत्नी चंद्रीबाई और पांच वर्षीय पोता विशाल सोमवार रात गांव से करीब दो किलोमीटर दूर अनोपपुरा-सुखानंदजी मार्ग पर स्थित अपने खेत में फसल की रखवाली के लिए गए थे। तीनों खेत में बनी झोपड़ी में आराम कर रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई और अचानक जोरदार गर्जना के बीच आकाशीय बिजली सीधे झोपड़ी पर आ गिरी।
बिजली का झटका इतना तेज था कि तीनों गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय मृतकों का बेटा और बहू पास ही बनी दूसरी झोपड़ी में मौजूद थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर दोनों घबराकर बाहर निकले और जब झोपड़ी के अंदर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। तीनों के शरीर से धुआं निकल रहा था। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों की मदद से तीनों को तत्काल कनेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर कनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
कनेरा थाने के एएसआई महेंद्र कुमार जाट ने बताया कि पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आकाशीय बिजली गिरना सामने आया है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से पूरे लुनखन्दा गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार खेती-किसानी पर निर्भर था और फसल की सुरक्षा के लिए खेत पर रात गुजार रहा था। लेकिन मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते एक परिवार की दो पीढ़ियां काल के मुंह में समा गईं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।