पैलेस ऑन व्हील्स से आए 39 देशी-विदेशी पर्यटकों का चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ी परंपरा से शाही स्वागत कर दुर्ग भ्रमण कराया गया।
चित्तौड़गढ़: पहियों पर राजमहल कही जाने वाली विश्व प्रसिद्ध लग्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स शुक्रवार को इस सीजन के अपने 15वें फेरे में 39 देशी-विदेशी पर्यटकों को लेकर चित्तौड़गढ़ पहुंची। ट्रेन में अमेरिका, यूके, ताइवान, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के पर्यटक और अप्रवासी भारतीय शामिल थे। खास बात यह रही कि इस फेरे में नेशनल जियोग्राफी टीम के 13 सदस्य भी यात्रा कर रहे थे।
चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का स्वागत पूरी मेवाड़ी परंपरा के साथ किया गया। स्टेशन से बाहर निकलते ही हाथ में भाला थामे, माथे पर मेवाड़ी पगड़ी पहने और अश्व पर सवार घुड़सवारों की टुकड़ी पर्यटकों के स्वागत में खड़ी नजर आई। यह दृश्य देख पर्यटकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई विदेशी सैलानी घुड़सवारों के साथ फोटो खिंचवाते दिखे और मेवाड़ की परंपरा की सराहना की।
स्वागत के बाद पर्यटकों को वातानुकूलित बसों और कारों से विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग ले जाया गया। यहां उन्होंने विजय स्तंभ, रानी पद्मिनी महल, जौहर स्थल सहित अन्य ऐतिहासिक स्मारकों का भ्रमण किया। गाइडों ने पर्यटकों को दुर्ग के गौरवशाली इतिहास और वीर गाथाओं की जानकारी दी, जिसे सुनकर सैलानी खासे प्रभावित नजर आए।
शाम को कुंभा महल में पर्यटकों को लाइट एंड साउंड शो का अंग्रेजी संस्करण दिखाया गया। इसके बाद सभी पर्यटकों को वापस ट्रेन में लाया गया, जहां उन्होंने ट्रेन के अंदर ही रेस्टोरेंट में डिनर किया। मध्य रात्रि के बाद पैलेस ऑन व्हील्स उदयपुर के लिए रवाना हो गई।
पैलेस ऑन व्हील्स लग्जरी ट्रेन सात दिन और सात रातों का सफर तय करती है। यह ट्रेन हर बुधवार को नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होकर जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, भरतपुर और आगरा होते हुए पुनः दिल्ली लौटती है। इसी क्रम में शुक्रवार को यह ट्रेन पर्यटकों को लेकर चित्तौड़गढ़ पहुंची, जहां मेवाड़ की शान और परंपरा ने मेहमानों का दिल जीत लिया।