Rajasthan News: शिक्षण व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रदेश सहित देशभर के सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों को ट्रैक करने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर (पीएएन) कार्ड की तर्ज पर परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) कार्ड जारी करने का काम किया जा रहा है।
Rajasthan News: शिक्षण व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से प्रदेश सहित देशभर के सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों को ट्रैक करने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर (पीएएन) कार्ड की तर्ज पर परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) कार्ड जारी करने का काम किया जा रहा है। जिले सहित प्रदेश भर में शिक्षा विभाग इस कार्य में जोर शोर से लगा है। यू-डाइस प्लस पोर्टल के जरिए सरकारी व निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चो को 53 सूचनाएं यू डाइस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक इनफॉर्मेशन सिस्टम फोर एजुकेशन ) में भरने का काम जारी है। यह काम स्कूली स्तर पर हो रहा है। इसमें बच्चों की हेल्थ, हाइट, ब्लड ग्रुप व वजन तक का भी जिक्र है। यह सूचनाएं भरने के बाद हर बच्चे को एक विशेष नंबर आवंटित किया जा रहा है। इस नंबर को परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) नाम दिया गया है।
सरकार की ओर से विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाओं का फायदा दिया जाता है। इनमें अक्सर फर्जीवाड़े के मामले सामने आते हैं। इतना ही नहीं नौकरियों के लिए भी लोग फर्जी तरीके से मार्कशीट का उपयोग कर लेते हैं। लेकिन पैन अनिवार्य होने के बाद फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही सरकारी योजना का लाभ भी इसी के जरिए मिलेगा।
हमेशा आएगा काम
स्कूल में बच्चों से संबंधित हर काम करने वाले के लिए अब इस नंबर का उपयोग करना जरूरी होगा। बच्चों की टीसी काटने पर भी इस नंबर को भरना अनिवार्य होगा। नंबर नहीं भरने की स्थिति में बच्चों की ऑनलाइन टीसी जेनरेट नही हो पाएगी। इसके साथ ही डिजीलॉकर सहित अन्य जगह पर भी इसे लिंक किया जायेगा। जहां से बच्चों का डाटा एक ही जगह स्टोरेज हो पाएगा। जिले में बालक-बालिकाओं का आंकड़ा काफी है। ऐसे में स्कूल छोडऩे वाले बालक बालिकाओं को सरकार ट्रैक तक नहीं कर पाती थी कि उन्होंने किसी दूसरे स्कूल में प्रवेश भी लिया या नहीं।