Rajasthan Highway : चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी से पिलीखेड़ा तक करीब 15 किमी के ग्रामीण मार्ग को स्टेट हाईवे में तब्दील करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम दक को ई-मेल के जरिए ज्ञापन भेजा गया है।
Rajasthan Highway : चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की सुगम आवाजाही को लेकर अब एक नई मुहिम शुरू हुई है। बड़ीसादड़ी से पिलीखेड़ा तक के करीब 15 किलोमीटर के ग्रामीण मार्ग को स्टेट हाईवे में तब्दील करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
जागरूक युवा व्यवसायी प्रवीण दक ने इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक व राजस्थान सरकार के सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम दक को ई-मेल के जरिए ज्ञापन भेजकर जनहित में इस परियोजना को स्वीकृत करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग के बनने से मंत्री गौतम दक के अपने विधानसभा क्षेत्र की कई पंचायतों का सीधा जुड़ाव प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों से हो जाएगा। ग्रामीणों ने सरकार के हालिया फैसलों (करजू मोड़ सड़क स्वीकृति) पर आभार जताते हुए उम्मीद जताई है कि जनहित को देखते हुए इस 15 किमी के मार्ग का भी जल्द निरीक्षण करवाकर इसे स्टेट हाईवे के रूप में मंजूरी दी जाएगी।
यह 15 किलोमीटर का टुकड़ा न केवल दो जिलों को जोड़ेगा, बल्कि विकास के बंद दरवाजों को भी खोलेगा। यदि बड़ीसादड़ी से बोरखेड़ा, रत्तीचंद जी का खेड़ा, गुंदलपुर, करणपुर होते हुए पिलीखेड़ा तक का मार्ग स्टेट हाईवे बनता है, तो यह हाल ही में स्वीकृत करजू मोड़-धोलापानी जिला सड़क से जुड़ जाएगा।
इससे बड़ीसादड़ी और प्रतापगढ़ के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी। इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण से बड़ीसादड़ी का सीधा संपर्क मालवा क्षेत्र से हो जाएगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में इस मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है तो कहीं सिर्फ कच्ची पगडंडियां हैं।
व्यवसायी प्रवीण दक ने बताया कि बीमारी या किसी इमरजेंसी के वक्त परिवहन के साधनों का अभाव ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित होता है। हर दिन सैकड़ों मजदूर इसी उबड़-खाबड़ रास्ते से बड़ीसादड़ी मजदूरी करने आते हैं।
परिवहन - रोडवेज बसों और निजी वाहनों का संचालन सुगम होगा।
शिक्षा व स्वास्थ्य - उच्च शिक्षा और बेहतर इलाज के लिए ग्रामीणों की पहुंच जिला मुख्यालय तक आसान होगी।
रोजगार - बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों और व्यापार को गति मिलेगी।