चूरू

Churu News: इकराम हत्याकांड में 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, सरकारी अस्पताल के सामने बेरहमी से पीट-पीटकर की गई थी हत्या

अदालत ने वार्ड 25 के व्यापारियन मोहल्ले के 76 वर्षीय पूर्व पार्षद मोहम्मद अली गनी, उसके पुत्र 49 वर्षीय मोहम्मद रफीक उर्फ फीकु, 22 वर्षीय मोहम्मद समीर उर्फ मंटू समेत 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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Oct 14, 2025
Churu Murder Case
दोषियों को कोर्ट से ले जाती पुलिस (फोटो-पत्रिका)

चूरू। राजकीय नेत्र अस्पताल के सामने वर्ष 2022 में हुए बहुचर्चित इकराम हत्याकांड मामले में डीजे कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व पार्षद मोहम्मद अली गनी और उसके बेटों समेत सभी आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

लोक अभियोजक रोशन सिंह राठौड़ ने बताया कि 7 अगस्त 2022 को इकराम की चूरू के राजकीय नेत्र अस्पताल के आगे लोहे के सरिए, पाइप, लाठियों और बरछियों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे इकराम ने पिता महबूब थीम को बताया था कि मोहम्मद अली खान, मोहम्मद रफीक उर्फ फीकु, समीर उर्फ मंटू, साहिल खोखर, असीर खोखर और इमरान शेख सहित कई लोगों ने मिलकर हमला किया। उपचार के दौरान इकराम की मौत हो गई थी।

कोर्ट में पेश हुए 23 गवाह

कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और सभी अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत 23 गवाहों और 64 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

इन लोगों को मिली सजा

अदालत ने वार्ड 25 के व्यापारियन मोहल्ले के 76 वर्षीय पूर्व पार्षद मोहम्मद अली गनी, उसके पुत्र 49 वर्षीय मोहम्मद रफीक उर्फ फीकु, 22 वर्षीय मोहम्मद समीर उर्फ मंटू, इनके साथ ही मोहल्ला व्यापरियान के 23 वर्षीय साहिल खोखर, 20 वर्षीय असीर खोकर, वार्ड संख्या 42 निवासी 37 वर्षीय इमरान शेख को भी उम्रकैद की सजा दी गई।

इन धाराओं में कोर्ट ने माना दोषी

लोक अभियोजक रोशन सिंह राठौड़ ने बताया कि सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302, 120-बी, 148 और 342 में दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह मामला जिला स्तर पर केस ऑफिसर स्कीम में चयनित प्रकरण था।

Published on:
14 Oct 2025 05:16 pm