
सरदारशहर। मकर संक्रांति का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पतंगबाजी का दौर भी बढ़ता जा रहा है। प्रतिबंधित चाइनीज मांझा शहर में खुलेआम धड़ल्ले से बिक रहा है। इसी बीच मकर संक्रांति से पहले ही चाइनीज मांझे का कहर देखने को मिला है।
सरदारशहर की रामदेव कॉलोनी निवासी, सेना में तैनात 30 वर्षीय श्रवण कुमार भांभू अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए, जिससे उनका गला कट गया। मौके पर मौजूद लोगों ने श्रवण कुमार को पास के राजकीय उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. लोकेंद्र सिंह राठौड़ ने उनके गले में टांके लगाए।
डॉ. राठौड़ ने बताया कि इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद जब वे अस्पताल पहुंचे तो प्रथम दृष्टि में ऐसा लगा कि किसी धारदार हथियार से गले पर वार किया गया है। जांच में पता चला कि घाव करीब 3 सेंटीमीटर गहरा था और आसपास काफी लंबाई तक खरोंच थी, जिनसे स्पष्ट हुआ कि यह चाइनीज मांझे से हुआ कट है। उन्होंने बताया कि मांझा बेहद खतरनाक होता है, यदि घाव थोड़ा और गहरा होता, तो मरीज की जान भी जा सकती थी। श्रवण कुमार भारतीय सेना में कार्यरत हैं और छुट्टियों में घर आए हुए थे।