चूरू

Churu Crime: शिष्य की हत्या का आरोपी साधु गिरफ्तार, आश्रम में आने-जाने से रोकने पर की थी वारदात 80

चूरू जिले में सादुलपुर के दुर्गादास आश्रम में संत छेदीलाल की हत्या के आरोपी साधु सुरेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आश्रम में आने-जाने से रोकने पर उसने लाठी से वार कर संत की हत्या की थी।
2 min read
• •
Updated: 1 Nov 2026, 2:31 PM IST
churu crime sadhu arrested
इनसेट में आरोपी साधु और घटनास्थल की जांच करती एफएसएल टीम व पुलिस (पत्रिका फोटो)

Churu Sadulpur Saint Murder: सादुलपुर (चूरू): नवां गांव स्थित दुर्गादास आश्रम में संत छेदीलाल उर्फ सीतारामदास की हत्या के मामले में हमीरवास पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी साधु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और पुलिस थाने के टॉप-10 वांछित वारंटियों की सूची में भी शामिल था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।

थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 60 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ सुमरणदास उर्फ मोनी बाबा पुत्र जयलाल निवासी गोकुलपुरा, थाना बहल, जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी से वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

आश्रम में आने-जाने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेंद्र का भिवानी और नवां गांव स्थित आश्रम में आना-जाना रहता था। घटना के दिन आश्रम में रह रहे संत छेदीलाल (67) ने उसे बार-बार आश्रम आने-जाने से मना किया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आवेश में आए सुरेंद्र ने लाठी से संत छेदीलाल की कनपटी पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से संत की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।

पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निश्चय प्रसाद एम के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। एएसपी रिछपाल सिंह चारण और डीएसपी राजगढ़ हरि सिंह धायल के सुपरविजन में थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। वहीं, मेडिकल बोर्ड से संत के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। इसके बाद पुलिस ने मानवीय और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ बहल थाने में 25 अगस्त 2013 को धारा 304बी और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में 27 मई 2015 को उसे सजा सुनाई गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई, एएसआई रामनिवास, हेड कांस्टेबल पवन तथा कांस्टेबल संदीप कुमार, अमित कुमार और रामपाल शामिल रहे। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात से संबंधित विस्तृत पूछताछ करेगी।

Updated on:
1 Nov 2026, 2:31 PM IST
Published on: