
Churu Nikay Chunav Result: रतननगर (चूरू): नगर निकाय चुनाव में वार्ड 15 का परिणाम बेहद रोमांचक रहा। मतगणना पूरी होने के बाद भी जीत-हार का फैसला नहीं हो सका, क्योंकि निर्दलीय प्रत्याशी राजेश्वरी शर्मा और सुनील कुमार को बराबर 91-91 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के मत समान होने से परिणाम कुछ देर के लिए बराबरी पर अटक गया। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लॉटरी कराकर विजेता का फैसला किया गया।
वार्ड 15 में राजेश्वरी शर्मा और सुनील कुमार के बीच कड़ा मुकाबला रहा। मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों की नजरें परिणाम पर टिकी थीं। मतगणना पूरी होने पर जब दोनों के खाते में 91-91 वोट आए तो किसी एक प्रत्याशी को अधिक मत नहीं मिले। ऐसे में सामान्य मतों के आधार पर जीत तय नहीं हो सकी। बराबरी के इस नतीजे से कुछ देर के लिए चुनाव परिणाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही।
दोनों प्रत्याशियों के वोट बराबर होने के बाद निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लॉटरी कराई गई। लाटरी में राजेश्वरी शर्मा का नाम आने पर उनके पक्ष में परिणाम गया। इसके साथ ही उन्हें वार्ड 15 से विजेता घोषित कर दिया गया। लॉटरी का परिणाम सामने आते ही राजेश्वरी शर्मा के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस तरह वार्ड 15 में दोनों प्रत्याशियों को एक-एक बराबर 91 वोट मिले, लेकिन जीत का फैसला अतिरिक्त वोट से नहीं बल्कि लॉटरी के जरिए हुआ। राजेश्वरी शर्मा के नाम की लॉटरी निकलने के साथ ही उनकी जीत तय हो गई।
सादुलपुर नगर पालिका चुनाव की मतगणना के बाद 40 वार्डों के चुनाव परिणामों में जहां कांग्रेस सबसे बड़ा दल बनकर उभरा है। भाजपा कुछ वार्डों में जीती लेकिन निर्वाचित निर्दलीयों ने शहर की सरकार के गठन में सियासी गणित रोमांचक बना दिया है। नगर पालिका में कांग्रेस ने 17 सीटों पर कब्जा किया। भाजपा को 9 वार्डों में जीत मिली, जबकि 14 निर्दलीय ने बाजी मारकर दोनों प्रमुख दलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी। चुनावी परिणाम आते ही दोनों प्रमुख दलों ने बोर्ड बनाने की कवायद शुरू कर दी है। अब सत्ता की चाबी निर्दलीय विजेता पार्षदों के हाथों में दिखाई दे रही है।
कांग्रेस के पक्ष में आए परिणामों से पार्टी खेमे में उत्साह का माहौल है। पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने परिणामों के बाद कांग्रेस के बोर्ड बनने का दावा किया। डॉ. पूनिया के अनुसार कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों के अलावा अन्य निर्दलीय प्रत्याशी भी कांग्रेस समर्थित हैं। उनका दावा है कि कांग्रेस के पास बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है और नगर पालिका में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएगी।
कांग्रेस के दावे के बाद भाजपा ने भी हार नहीं मानी है। भाजपा नेताओं ने नगर पालिका में बोर्ड बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी की ओर से विजेता निर्दलीय विजेताओं से संपर्क साधने की कवायद शुरू होने की चर्चा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि निर्दलीय पार्षदों के सहयोग से नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस बनाम भाजपा की सीधी टक्कर के साथ निर्दलीय पार्षद किंगमेकर की भूमिका में नजर आ सकते हैं।
चुनाव में सबसे रोमांचक मुकाबला वार्ड नंबर 15 का परिणाम रहा। यहां कांग्रेस प्रत्याशी मंगतूराम को 214 मत, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र कुमार को 215 मत मिले। महज एक वोट के अंतर से राजेंद्र विजयी घोषित हुए। एक-एक वोट की अहमियत बताने वाला यह परिणाम चर्चा का विषय बना रहा।
चुनाव परिणामों में वार्ड नंबर 39 की कांग्रेस प्रत्याशी अंजू देवी ने शहर की सबसे बड़ी जीत दर्ज कर राजनीतिक हलकों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। अंजू देवी को कुल 617 मत मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीमा को 140 मत प्राप्त हुए। अंजू ने 477 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
वार्ड नंबर 32 में निर्दलीय प्रत्याशी आरती शर्मा ने 424 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। आरती को 669 मत प्राप्त हुए, जबकि निकटतम प्रत्याशी मंजू देवी को 245 मत मिले। वार्ड नंबर 4 में भाजपा प्रत्याशी ज्ञान प्रकाश सैनी ने 344 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। दो वोट से कांग्रेस की जीत, वार्ड नंबर 8 में कांटे का मुकाबला रहा। वार्ड नंबर 8 में मुकाबला इतना करीबी रहा कि जीत-हार का अंतर महज दो वोट रहा।
कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बनो ने 253 मत, जबकि भाजपा प्रत्याशी बिट्टू को 251 मत मिले। बनो ने सिर्फ दो मतों से जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 5 में निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति ने 318 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उनकी निकटतम प्रत्याशी सुनीता को 178 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गंगा देवी को 44 मत प्राप्त हुए। ज्योति ने 140 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
जहां कुछ प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की, वहीं कुछ प्रत्याशियों को बेहद कम मत मिले। वार्ड नंबर 33 में बसपा प्रत्याशी गणेश को 37 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी पुनम चंद को महज 2 मत प्राप्त हुए। वहीं एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र का खाता तक नहीं खुल सका। उन्हें शून्य मत मिले।
वार्ड नंबर 1 में निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप को 2 मत, वार्ड नंबर 2 में राजेंद्र और सोनू को 2-2 मत तथा वार्ड नंबर 3 में रतन सिंह को 2 मत मिले। वार्ड नंबर 4 में बसपा प्रत्याशी हेमंत को 37 मत प्राप्त हुए। वार्ड नंबर 22 में निर्दलीय प्रत्याशी मोनिका को 4 और शकिला को मात्र 1 मत मिला।
चूरू जिले की 11 नगर निकायों के आए जनादेश में चूरू-सुजानगढ़ नगर परिषद तथा तारानगर में भाजपा का कमल खिला तो कांग्रेस को रतननगर और साहबा में पालिका में पूर्ण बहुमत मिला। चूरू, सुजानगढ़ नगर परिषद तथा तारानगर नगरपालिका में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला लेकिन नगर पालिका सादुलपुर में कांग्रेस आगे रही। सरदारशहर नगर परिषद, नगर पालिका रतनगढ़, बीदासर में भाजपा को बढ़त मिली। चुनाव में भाजपा को कई निकायों में बढ़त तो मिली लेकिन अब उसे निर्दलियों का सहारा लेना पड़ेगा, तो कांग्रेस को भी निर्दलीय का सहयोग लेना पड़ेगा।
शहर के वार्ड एक से 15 तक गणना में कांग्रेस आगे रही तो पार्टी समर्थक उत्साहित नजर आए लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी तो भाजपा बराबरी पर आई तो पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। मतगणना के अंतिम दौर में भाजपा के 30 प्रत्याशी जीते तो कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाने की तैयारियां शुरू कर दी। कांग्रेस के 24 उम्मीदवार जीते और निर्दलियों ने 6 वार्डों में बाजी मारी।
चूरू नगर परिषद - वार्ड 60
भाजपा - 30
कांग्रेस - 24
निर्दलीय - 06
चूरू नगर परिषद की रही हॉट सीट के चुनाव परिणाम जानने के लिए शहरवासियों में उत्सुकता रही। पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय में सुबह मतगणना शुरू होने से पहले ही वार्डों के लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी तो मतगणना स्थल पर वोटों की गिनती के दौरान कम ही नजर आए। अनेक निर्दलीय प्रत्याशी और पार्टियों के एजेंट मतगणना स्थल पर मोर्चा संभाला तो प्रत्याशियों के समर्थक बाहर खड़े परिणामों का इंतजार करते नजर आए। भाजपा और कांग्रेस के समर्थक अपनी-अपनी पार्टी के पक्ष में परिणाम आने पर खुशियां मनाते रहे।
कांग्रेस की ओर से पूर्व उप सभापति नसीम निशा वार्ड 37 तथा उनके पति पूर्व पार्षद रमजान खान वार्ड 36 से चुनाव जीत गए। 8 बार के पूर्व पार्षद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद हुसैन निर्वाण फिर चुनाव जीत गए हैं।
भाजपा की ओर से वार्ड 18 से पूर्व सभापति मुरलीधर शर्मा भाजपा के ही बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़े राजेश रक्षक के सामने टिक नहीं पाए और वे तीसरे स्थान पर रहे। पूर्व सभापति पायल सैनी के पति नारायण सैनी भी वार्ड नंबर 53 से न केवल चुनाव हारे बल्कि तीसरे स्थान पर रहे। चार बार पार्षद रहे भाजपा के लिखमी चंद प्रजापत निर्दलीय प्रत्याशी से केवल मात्र 5 वोटों से चुनाव हार गए। कांग्रेस की पूर्व पार्षद सुशीला सुण्डा मात्र तीन वोटों से चुनाव हार गई।
भाजपा के पूर्व सभापति विजय शर्मा वार्ड 20 से चुनाव जीत गए हैं। भाजपा के जिला महामंत्री अभिषेक चोटिया वार्ड 43 से, भाजपा से आर्किटेक्ट अनुराग शर्मा वार्ड 28 तथा भाजपा की परिषद में रही पूर्व नेता प्रतिपक्ष विमला गढ़वाल वार्ड 23 फिर चुनाव जीत गई हैं।