चूरू

Rajasthan Weather : आज बारिश के साथ गिरेंगे ओले, राजस्थान में बढ़ेगा सर्दी का कहर, IMD की चेतावनी जारी

Rajasthan Weather update : सर्दी का सितम जिले में दिन ब दिन बढता ही जा रहा है। बीते एक सप्ताह से गलन वाली सर्दी का दौर जारी है। कहर बरपा रही सर्दी के चलते तापमान जमाव बिंदू की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनवरी के दूसरे सप्ताह के शुरूआत में मौसम में बदलाव होने की संभावना है।
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Jan 08, 2024
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Rajasthan Weather update : सर्दी का सितम जिले में दिन ब दिन बढता ही जा रहा है। बीते एक सप्ताह से गलन वाली सर्दी का दौर जारी है। कहर बरपा रही सर्दी के चलते तापमान जमाव बिंदू की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनवरी के दूसरे सप्ताह के शुरूआत में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। वहीं विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग में कहीं कहीं बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डुंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, टोंक और उदयपुर में ओल गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 9 जनवरी को कई जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

वहीं चूरू की बात करें तो शहर में सुबह कड़ाके की सर्दी रही। उत्तर- पूर्वी सर्द हवाओं चलने से लोगों के धूजणी छूट गई। दोपहर तक शीतलहर और कोल्ड-डे के कारण लोग ठिठुरते रहे। दोपहर तीन बजे तक शहर कोहरे की चादर में लिपटा रहा। इसके बाद कोहरा छंटा तो खिली धूप ने लोगों को राहत दी। शाम होते ही सर्दी के बढ़े असर ने लोगों को सताना शुरू कर दिया। मौसम केंद्र पर रविवार को अधिकतम 13.06 व न्यूनतम तापमान 07.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की गति 3.7 किमी प्रतिघंटा रही। जबकि हवा में आद्रता का स्तर 79 प्रतिशत रहा।

अब आगे क्या
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक जनवरी के दूसरे सप्ताह के आरंभ में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। कमजोर पश्चिमी तंत्र के सक्रिय होने से मेघ गर्जना के साथ मावठ की हल्की बारिश होने के आसार बनें हैं। 9 व 10 जनवरी को ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बाद पारे में उछाल आने की भी संभावना है। वहीं साहवा क्षेत्र लगातार एक पखवाड़े से कोहरे की जद में है। गत 3-4 दिनों से आ रही गलन भरी ओस से बढी सर्दी से एक और लोगोें के राजमर्रा के काम प्रभावित होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में खड़ी रबी की फसलों के लिए ये ओस की बूंदें जीवनदायी और किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।