तेज अंधड़ के कारण मजबूरन वाहन चालकों को अपने वाहन सड़कों के किनारे रोकने पड़े। आंधी का सिलसिला साढ़े चार बजे तक जारी रहा। इस दौरान विद्युत आपूर्ति बंद रही।
चूरू. गंगा दशहरे से शुरू हुए नौतपा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी आते आते आखिर गल ही गया और त्रयोदशी से मौसम में चक्र में आए बदलाव का दौर शनिवार को भी जारी रहा। शुक्रवार देर शाम अंचल के कई इलाकों में आंधी, बारिश और कहीं कहीं ओले गिरने से शनि की चांदनी रात कमोबेश शीतल रही। दोपहर को आई तेज आंधी (Storm) से आसमान पीला हुआ, धूल के गुब्बार उठे और बारिश शुरू हुई और ओले गिरे।
एकबारगी बारिश थमने के बाद फिर उमड़ घुमड़कर आए बादल बरसे, आसमान में बिजली कड़की और कई देर तक बारिश हुई। मौसम केन्द्र के अनुसार चूरू में 14.8 मिमी बारिश हुई।
बारिश अलर्ट का बजा सायरन
इसी बीच दोपहर बाद करीब शाम चार बजे लोगों के मोबाइलों पर मौसम का सायरन बजा, जिसमें मौसम विभाग ने तीन घंटे के लिए तेज बारिश की संभावना से आमजन को सावचेत किया। इसी क्रम में तेज आंधी के साथ ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। दूसरी ओर तेज आंधी से उड़े गुब्बार से घरों में धूल ही धूल हो गई। इसके कुछ ही देर बाद बारिश शुरू हुई और थोड़ी देर ओले भी गिरे जिससे आंधी का आक्रोश कम हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली। अपराह्न तीन बजे बाद फिर बारिश का दौर चला, एकबारगी तेज रफ्तार के साथ बरसात हुई, बाद में कुछ मंदी पड़ी, बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
अंचल में कहीं कम तो मध्यम बारिश
थळी अंचल में चले तेज हवाओं के दौर में कहीं पर कम तो कही मध्यम बारिश हुई। शुक्रवार रात शुरू हुए आंधी बारिश के दौर में शनिवार सुबह 8.30 बजे तक राजगढ़ में सर्वाधिक 24 मिमी.बारिश दर्ज की गई। तारानगर (Taranagar) में 6 तथा सुजानगढ़ (Sujangarh) में 7 मिमी.बारिश दर्ज की गई। शेष अन्य क्षेत्रों कहीं कहीं मामूली बूंदाबांदी हुई। किसानों का मानना है कि ज्येष्ठ माह में हुई इस बारिश से खेतों की बुवाई शुरू होने की राह बनी है। हालांकि ज्येष्ठ अधिक मास होने से अभी गर्मी की संभावना है लेकिन फिर किसान कहते हैँ कि यह प्रकृति है इसका मिजाज कब बदल जाए और कैसा रहेगा यह कहा नहीं जा सकता।
राजलदेसर में बारिश
राजलदेसर कस्बे में बदले मौसम में देखते ही देखते कस्बा उत्तर दिशा से उठे धूल के बवंडर के आगोश में नगरआ गया। दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया, जिससे जन जीवन प्रभावित हो गया। कस्बे की अधिकांश दुकानें बंद हो गई। तेज अंधड़ के कारण मजबूरन वाहन चालकों को अपने वाहन सड़कों के किनारे रोकने पड़े। आंधी का सिलसिला साढ़े चार बजे तक जारी रहा। इस दौरान विद्युत आपूर्ति बंद रही।