Fake Marksheet Case: सरदारशहर एसीजेएम नवदीप ने फैसला सुनाते हुए वर्ष 2019 से चल रहे बहुचर्चित फर्जी मार्कशीट प्रकरण में चूरू विधायक हरलाल सहारण को बरी कर दिया है।
चूरू/सरदारशहर। बहुचर्चित फर्जी मार्कशीट के मामले में एसीजेएम न्यायालय ने चूरू विधायक हरलाल सहारण को बरी कर दिया है। सरदारशहर एसीजेएम नवदीप ने फैसला सुनाते हुए वर्ष 2019 से चल रहे प्रकरण में विधायक सहारण को दोष मुक्त कर दिया है।
प्रकरण अनुसार विधायक सहारण ने सन 2015 में जिला परिषद चूरू के वार्ड से 16 से चुनाव लड़ते समय स्वयं को दसवीं पास बताते हुए उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद की मार्कशीट व प्रमाण पत्र पेश किया था। उक्त दस्तावेज फर्जी बताते हुए चिमनाराम जाट निवासी ढाढर ने सारण के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस की ओर से चालान पेश किया गया था।
यह मुकदमा ट्रांसफर होकर वर्तमान में स्थानीय न्यायालय में चल रहा था। सहारण की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि चिमनाराम ने सूचना के अधिकार के तहत लिए गए दस्तावेज पेश किए थे। वो ना तो कोई लेटर पैड पर लिखे हुए थे, न ही कोई सील लगी हुई थी। जिस दिन सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई उसी दिन वो जानकारी बिना जांच के दे दी गई। मामले में 7 गवाह थे और कुल 14 कागजात पेश किए गए। वे कागजात प्रमाणित नहीं पाए गए।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत गोदारा ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से कथित फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र जब्त नहीं हुए है तथा ना ही यह साबित किया गया है कि फर्जी मार्कशीट क्रमांक हरलाल के बजाय किसी अन्य छात्र को जारी हुई हो व इसमें कांट-छांट कर अपना नाम जोड़ा हो।
इस प्रकार कोर्ट ने सारण के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के अन्तर्गत सभी आरोपित अपराध संदेह से परे प्रमाणित नहीं होने के कारण दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से राज्य सरकार की ओर से नियुक्त विशेष लोक अभियोजक विपुल शर्मा ने तथा सहारण की ओर से सुरेंद्रसिंह शेखावत व दामोदर माटोलिया ने पैरवी की।