
Cyber Fraud : तारानगर. रिश्तेदार की तबीयत खराब होने का झांसा देकर एक व्यक्ति से एक लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले शातिर बदमाशों की चाल को तारानगर पुलिस ने काफी हद तक नाकाम कर दिया। साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि में से 85 हजार रुपए होल्ड करवाकर न्यायालय के आदेश से पीड़ित के खाते में वापस दिलवा दिए।
एक फोन कॉल और खाते से उड़ गए एक लाख
तारानगर निवासी जीतमल नाई के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को परिचित बताते हुए कहा कि एक रिश्तेदार की तबीयत खराब है और तत्काल पैसों की जरूरत है। बातों में विश्वास दिलाकर आरोपी ने दूसरे मोबाइल नंबर पर रकम भेजने के लिए कहा। मानवीय संवेदनाओं में बहकर जीतमल ने फोन के जरिए कुल एक लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 (National Cyber Helpline 1930) और साइबर पोर्टल (Cyber Portal) पर शिकायत दर्ज करवाई।
डिजिटल ट्रेल से खुली ठगों की परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई। साइबर पोर्टल पर कार्यरत कांस्टेबल मनोज पूनिया ने राशि के ट्रांजेक्शन की डिजिटल ट्रेल खंगाली और रकम जिन खातों में पहुंची, उनका पता लगाकर तत्काल कार्रवाई की।
85 हजार रुपए होल्ड, फिर खाते में हुए रिफंड
पुलिस की सक्रियता से ठगी गई एक लाख रुपए की राशि में से 85 हजार रुपए विभिन्न खातों में होल्ड करवा दिए गए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और न्यायालय के आदेश के बाद यह राशि पीड़ितजीतमल नाई के बैंक खाते में रिफंड करवा दी गई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने तारानगर पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया।
साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत मिलने से राशि को होल्ड कर वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
अनजान कॉल और लिंक से रहें सतर्क
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two Step Verification) का उपयोग करें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।