चूरू

Churu: पिता ने बेटी के लिए बेचा 22 लाख का मकान, खेत खरीदकर बनाया मैदान; ऐसे पहुंचीं Team India तक प्रिया पूनिया

Success Story: राजस्थान के चूरू की प्रिया पूनिया ने क्रिकेट में पहचान बनाई। बेटी के सपने को पूरा करने के लिए पिता ने 22 लाख रुपए का मकान बेचकर खेत में क्रिकेट मैदान तैयार किया था।
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Sep 11, 2026
Priya Punia
क्रिकेटर प्रिया पूनिया (Photo-Patrika)

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ उपखंड का छोटा-सा गांव जणाऊ खारी। करीब 248 घरों की आबादी वाले इस गांव की बेटी प्रिया पूनिया ने मेहनत, लगन और परिवार के त्याग के दम पर क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। गांव की गलियों से शुरू हुआ उनका सफर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचा। उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि बेटी के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए पिता सुरेंद्र पूनिया ने 22 लाख रुपए का मकान बेचकर चौमूं के पास खेत खरीदा और उस जमीन पर प्रिया के अभ्यास के लिए क्रिकेट मैदान तैयार कर दिया।

प्रिया का जन्म 6 अगस्त 1996 को जणाऊ खारी में हुआ। पिता भारतीय सर्वेक्षण विभाग में कार्यरत रहे, जिसके चलते परिवार को अजमेर, जयपुर और दिल्ली में रहना पड़ा। प्रिया ने दिल्ली से ग्रेजुएशन किया। सात साल की उम्र से ही उन्हें खेलों में रुचि थी। शुरुआत में पिता ने बैडमिंटन और लॉन टेनिस की कोचिंग दिलाई, लेकिन इन खेलों में मन नहीं लगा। इसके बाद प्रिया ने क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की और यहीं से उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत हुई।

नियमित अभ्यास कर बल्लेबाजी को निखारा

जयपुर में बेहतर क्रिकेट प्रशिक्षण नहीं मिल पाने पर पिता ने बेटी के भविष्य के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने जयपुर स्थित अपना 22 लाख रुपए का मकान बेच दिया और चौमूं के पास खेत खरीदा। खेती करने के बजाय उस जमीन को ही क्रिकेट मैदान में बदल दिया। प्रिया ने इसी मैदान पर नियमित अभ्यास किया और अपनी बल्लेबाजी को निखारा।

घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और राजस्थान की टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रिया ने बतौर ओपनर बल्लेबाज अपनी पहचान बनाई। करीब एक दशक से वह पारी की शुरुआत करती रही हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंडिया-ए में जगह मिली और इसके बाद भारतीय महिला टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला।

75 रन की पारी यादगार प्रदर्शन

फरवरी 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से प्रिया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसी साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने पदार्पण किया। उनकी बल्लेबाजी में एक पारी में नाबाद 75 रन का प्रदर्शन यादगार रहा। प्रिया का कहना है कि टीम इंडिया की जर्सी पहनना हमेशा उनके लिए रोमांच और गर्व का क्षण रहा है। यही जर्सी उन्हें हर बार और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देती है।

गांव की बेटी से टीम इंडिया तक का यह सफर सिर्फ प्रिया की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। पूनिया की कहानी बताती है कि सपने बड़े हों तो छोटे गांव भी बड़ी उड़ान की जमीन बन सकते हैं।

संघर्ष से सफलता तक

  • जन्म : 6 अगस्त 1996, जणाऊ खारी, राजगढ़
  • खेल की शुरुआत : 7 साल की उम्र में
  • क्रिकेट प्रशिक्षण : क्रिकेट एकेडमी से शुरुआत
  • पिता का त्याग : 22 लाख रुपए का मकान बेचकर अभ्यास के लिए मैदान तैयार
  • घरेलू क्रिकेट : दिल्ली और राजस्थान
  • भूमिका : ओपनर बल्लेबाज
  • राष्ट्रीय स्तर : इंडिया-ए से भारतीय महिला टीम तक
  • टी-20 पदार्पण : फरवरी 2019, न्यूजीलैंड के खिलाफ
  • वनडे पदार्पण : अक्टूबर 2019, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ
  • यादगार पारी : नाबाद 75 रन
Updated on:
11 Sept 2026 03:51 pm
Published on:
11 Sept 2026 03:51 pm