चूरू

महिला SHO को पुलिस बनकर लूटने आए गुंडे, सुरक्षा नहीं दे पाई इस जिले की ‘असली पुलिस’…थाना प्रभारी लाइन हाजिर

Rajasthan: भादरा में दिल्ली नबर की गाड़ी में सवार बदमाशों ने बाइपास पर साहवा पुलिस की टीम को घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लोकल पुलिस से मदद मांगी, लेकिन भादरा पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची।
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Updated: 7 Sep 2024, 3:05 PM IST
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Rajasthan: आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय के अपने इस ध्येय वाक्य को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हनुमानगढ़ (Hanumangarh) के भादरा में बदमाशों से घिरे पुलिसकर्मियों की मदद करने में भी पुलिस (Rajasthan Police) टालमटोल करती रही। चुरू (Churu) जिले के साहवा थाने की महिला पुलिसकर्मी के भादरा थाने में सूचना देने के बावजूद पुलिसकर्मी कानों में ग्रास लेते रहे। मामला ज्यादा बढ़ा तो पुलिस के आला अफसरों तक बात पहुंची। लेकिन पुलिस की सुस्ती देखिए कि इतने बड़े घटनाक्रम का मामला भी वारदात के तकरीबन 74 घंटे बाद दर्ज किया गया।

हालांकि इस मामले में लापरवाही के चलते भादरा थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्नोई को गुरुवार को लाइन हाजिर कर दिया गया था। क्योंकि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात ड्यूटी अधिकारी ने मौके पर नहीं पहुंचने का कारण बताया था कि थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्नोई ने उनको मना किया था। इस मामले की जांच भादरा पुलिस उप अधीक्षक सुभाष गोदारा को सौंपी गई है।

क्या है पूरा मामला?

साहवा थाना प्रभारी अल्का बिश्नोई मय जाप्ता सादा वर्दी में दो सितबर को हरियाणा के हांसी से लौट रही थी। वहां चोरी के मामले में सांसी गैंग के तीन नामजद आरोपियों की गिरतारी करने गई पुलिस टीम खाली हाथ लौट रही थी। रात्रि को करीब दस बजे भादरा में हिसार हनुमानगढ़ बाइपास पर दिल्ली नंबर की कार आगे लगाकर अज्ञात जनों ने साहवा पुलिस की गाड़ी रुकवा ली। कार से उतरे दो अज्ञात जनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए साहवा एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मियों को गाड़ी से नीचे उतरने को कहा। अल्का बिश्नोई ने स्वयं के पुलिसकर्मी होने की जानकारी देते हुए आईडी कार्ड दिखाया। इस पर अज्ञात बदमाश भड़क गए तथा उन्हें फर्जी पुलिस करार देते हुए गाड़ी छीनने का प्रयास किया।

नहीं पहुंची पुलिस तो खुद पहुंचे थाने

साहवा पुलिस ने करीब डेढ घंटा मौके पर खड़े रह कर भादरा पुलिस के मौके पर आने का इंतजार किया। जब थाने से कोई नहीं आया तो रात करीब 12 बजे अल्का बिश्नोई व उनकी टीम खुद ही भादरा थाने पहुंच गए। ड्यूटी अधिकारी से मौके पर नहीं आने का कारण पूछा तो उसने कहा कि थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्नोई ने मौके पर नहीं जाने का कहा था।

इस पर साहवा थाना प्रभारी ने लिखित रिपोर्ट देकर मुकदमा दर्ज करवाना चाहा। मगर भादरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। एसपी ने विकास सांगवान ने थानाधिकारी को लाइन हाजिर कर गुरुवार रात साहवा थाना प्रभारी को भादरा बुलाकर मामला दर्ज कराया। गुरुवार रात करीब एक बजे मामला दर्ज हुआ।

सुरक्षा के लिए पिस्तौल निकाला तो भागे

एसएचओ अल्का बिश्नोई ने मामले की गंभीरता भांपते हुए सुरक्षा के लिए सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली। साथ ही भादरा थाने में फोन पर घटना की सूचना दी। पिस्तौल व भादरा थाने में सूचना करते देखकर अज्ञात आरोपी भागने लगे। घबराहट में गाड़ी तथा मोबाइल फोन मौके पर छोड़ गए।

जांच के बाद ही दे पाउंगा जानकारी- डीएसपी

भादरा डीएसपी सुभाष गोदारा ने घटना के बाद कहा कि, मैं दो दिनों से छुट्टी पर हूं। वापस आकर मामले की जांच के बाद ही सही जानकारी दे पाऊंगा। घटना के दूसरे दिन सुबह तारानगर डीएसपी मीनाक्षी ने फोन पर रात्रि को साहवा थानाधिकारी से हुई वारदात की जानकारी दी थी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई थी।

Updated on:
7 Sep 2024, 3:05 PM IST
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