
चूरू। जिले के रतनगढ़ तहसील क्षेत्र के सांगासर गांव में दो संतों के बीच विवाद के बाद एक साधु की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मौत के करीब 50 घंटे बाद पुलिस ने समाधि से शव बाहर निकलवाया। उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में परिजनों की रिपोर्ट पर छह नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक साधु की पहचान हरियाणा के सिरसा जिले के धौलपालिया निवासी बन्नानाथ के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक बन्नानाथ ने वर्ष 2004 में संन्यास लिया था और पिछले कुछ समय से साधु के रूप में रह रहे थे। वह रावतसर स्थित बालकनाथ के आश्रम से जुड़े हुए थे। परिवार का आरोप है कि बालकनाथ के साथ विवाद के बाद बन्नानाथ की मौत हुई और घटना की जानकारी परिजनों को दिए बिना ही उनका शव सांगासर में समाधि दे दिया गया।
परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार बन्नानाथ कुछ दिन पहले सांगासर पहुंचे थे। बाद में परिवार को पता चला कि उन्हें बालकनाथ ने सांगासर में बजरंगनाथ के पास छोड़ा था। इसके बाद बन्नानाथ से संपर्क नहीं हो सका। परिवार ने जब जानकारी जुटाई तो उन्हें कथित तौर पर संतों के बीच झगड़ा होने और बन्नानाथ की मौत की जानकारी मिली।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बन्नानाथ के साथ मारपीट की गई और उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद घटना के साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बिना परिजनों को सूचना दिए शव को समाधि दे दी गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने करीब 50 घंटे बाद समाधि खुलवाई। तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में शव बाहर निकाला गया। मेडिकल और एफएसएल टीम की मौजूदगी में शव को मोर्चरी पहुंचाया गया, जहां मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस ने बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूणनाथ, लक्ष्मीनारायण सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।
साधु की मौत की खबर सामने आने के बाद ग्रामीणों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। विरोध में लोगों ने सालासर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की समझाइश के बाद रास्ता खुलवाया। समाधि से शव निकालने की कार्रवाई के दौरान भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। तनाव को देखते हुए सीआई संदीप कुमार सहित पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।