
World Environment Day : सादुलपुर. लोकदेव जाहरवीर गोगाजी की जन्मस्थली ददरेवा (Dadrewa) स्थित ऐतिहासिक नौलखा बाग को पुनः हरा-भरा बनाने के लिए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अभियान शुरू कर दिया है। इतिहास के जानकारों के अनुसार मान्यता है कि लोकदेवगोगाजी इसी बाग में गायों को चराते और उनकी रक्षा करते थे। कभी हजारों बीघा क्षेत्र में फैला यह बाग विशाल वृक्षों और घने जंगल से आच्छादित था। यहां ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को न केवल पेड़ों की शीतल छाया मिलती थी, बल्कि विभिन्न प्रकार की औषधीय वनस्पतियों का भी लाभ प्राप्त होता था।
बाग में रहने वाले पशु-पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी यह क्षेत्र प्राकृतिक आश्रय स्थल था। समय के साथ उपेक्षा और स्वार्थवश यह बाग उजड़ता चला गया।
गत वर्ष किया था पौधरोपण
पंचायत के प्रशासक मोहम्मद जाहिद कुरैशी, पूर्व सरपंच बजरंग शर्मा ने बताया कि गत वर्ष नौलखा बाग को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सैकड़ों पौधे लगाए गए थे। उनकी नियमित देखभाल की जा रही है तथा पौधों को विकसित कर वृक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। पौधों को जीवित रखने के लिए प्रत्येक माह दो बार सिंचाई की जाती है।
पेड़ों की सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे हैं ट्री गार्ड
पौधों के बढ़ने के साथ उनकी सुरक्षा के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपए की लागत से ट्री गार्ड लगाने का कार्य बुधवार से शुरू किया गया है। पौधारोपण से पूर्व जेसीबी द्वारा गहरी खुदाई कर पौधों के लिए उपयुक्त व्यवस्था की गई। उनकी देखरेख के लिए एक कार्मिक भी नियुक्त किया गया था। अब पौधों के बढ़ते आकार को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाना आवश्यक हो गया है।
मेला मैदान से शुभारंभ
कुरैशी ने बताया कि नौलखा बाग को पुनः हरियाली से आच्छादित करने की योजना पिछले वर्ष शुरू की गई थी और इसका शुभारंभ मेला मैदान से किया गया था। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यही पौधे वृक्ष बनकर मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को छाया प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेला मैदान में श्रद्धालुओं और यात्रियों को ठहरने के दौरान पर्याप्त छाया नहीं मिलती, जिससे उन्हें धूप और बारिश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अभियान की शुरुआत मेला क्षेत्र से की गई, ताकि भविष्य में यात्रियों को प्राकृतिक छाया और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विभिन्न प्रजातियों के पौधे
गणेश शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत ऐसे पौधे लगाए गए हैं जो भविष्य में वृक्ष बनकर वर्षों तक छाया प्रदान करेंगे। इनमें पीपल, बरगद, अर्जुन, गुलमोहर, झरखंडा, पिलखन एवं झकरासा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। इनमें से कई वृक्ष औषधीय गुणों से युक्त हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक सिद्ध होंगे।
मिलकर करेंगे प्रयास
पूर्व सरपंच बिशु रजलीवाल, सुरेश शर्मा, जय राजपुरोहित, रामसिंह कोठारी, महेंद्र शर्मा, किशन पुरोहित, केसर नाई, एडवोकेट हड़मान सिंह, सोनू, हेमंत राजा माहिच, राजू ठेकेदार, विक्रम चांवरिया, रोहतास सिंह, भलाराम, विजेंद्र, राजकुमार, सुरेश सिंह, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद अली तंवर, सुभाष नायक, राकेश पूनिया, पन्नालाल सोनी, भीम सिंह राजवी एवं हितेन शर्मा ने कहा कि मिलकर प्रयास करेंगे, जिससे नौलखा बाग को पुनः हरा-भरा बनाने के संकल्प पूर्ण हो जाएगा।