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Asia Cup 2027: एशिया कप का दूसरी बार बॉयकॉट कर सकती है टीम इंडिया, इससे पहले 1986 में किया था ऐसा

Asia Cup 2027 India boycott: एशिया कप 2027 की मेजबानी बांग्लादेश को मिली है, लेकिन भारत इसमें शामिल होने से मना कर सकता है। अगर टीम इंडिया इस बार टूर्नामेंट का बायकाट करती है, तो इतिहास में ऐसा दूसरी बार होगा जब भारत एशिया कप से बाहर रहेगा।
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Jul 08, 2026
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नितीश कुमार रेड्डी और विराट कोहली (Photo - IANS)

Asia Cup 2027 India boycott: साल 2027 में होने वाले वनडे एशिया कप की मेजबानी बांग्लादेश को मिली है। यह टूर्नामेंट 18 जून से 4 जुलाई 2027 के बीच खेला जाना है। लेकिन इस समय क्रिकेट गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने बांग्लादेश जाएगी? चर्चाएं तेज हैं कि भारतीय टीम इस एशिया कप का पूरी तरह से बॉयकॉट (बहिष्कार) कर सकती है।

क्यों खड़ा हुआ यह विवाद?

इस पूरे विवाद के तार साल 2026 के टी20 वर्ल्ड कप से जुड़े हैं। 2026 में भारत (IND) और श्रीलंका (SL) ने मिलकर टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। उस समय शेड्यूल के हिसाब से बांग्लादेश (BAN) के शुरुआती मैच भारत में होने थे। लेकिन बांग्लादेश में हुए राजनीतिक उथल-पुथल और हिंदुओं पर कथित हमलों के बाद माहौल बदल गया। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को लेकर आईपीएल (IPL) में भी विवाद हुआ, जिसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें रिलीज कर दिया था।

इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में वर्ल्ड कप खेलने से साफ मना कर दिया। आईसीसी (ICC) और भारत सरकार के सुरक्षा भरोसे के बाद भी बांग्लादेश अपनी जिद पर अड़ा रहा, जिसके बाद बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से हटाकर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था। अब इसी बात को ध्यान में रखकर फैंस और जानकार मान रहे हैं कि भारत भी बांग्लादेश का दौरा करने से मना कर सकता है।

अगर भारत ने बॉयकॉट किया, तो यह इतिहास में दूसरी बार होगा

अगर टीम इंडिया इस बार एशिया कप का बॉयकॉट करती है, तो यह उसका पहला बॉयकॉट नहीं होगा। इससे पहले साल 1986 में भी भारत ऐसा कर चुका है। तब एशिया कप की मेजबानी श्रीलंका कर रहा था। उस वक्त श्रीलंका में चल रहे गृहयुद्ध (सिविल वॉर) और दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच खराब रिश्तों के कारण भारत सरकार के निर्देश पर बीसीसीआई (BCCI) ने टीम नहीं भेजी थी। तब भारत की जगह बांग्लादेश को पहली बार टूर्नामेंट में एंट्री मिली थी। बाद में 1988 में जब बांग्लादेश ने पहली बार एशिया कप होस्ट किया, तब भारत ने वापसी की और खिताब जीता।

क्या है आगे का रास्ता?

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की कमान अब तमीम इकबाल के हाथों में है, जिन्हें भारत समर्थक माना जाता है। उन्होंने एशिया कप के लिए मीरपुर, चटगांव और सिलहट के स्टेडियमों को तैयार करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। लेकिन भारतीय फैंस 2026 की उस घटना को नहीं भूले हैं जब बांग्लादेश ने भारत आने से मना किया था। ऐसे में अगर टीम इंडिया बांग्लादेश नहीं जाती है, तो श्रीलंका या दुबई (यूएई) जैसे न्यूट्रल वेन्यू पर भारत के मैच कराए जा सकते हैं।