
BCCI breaks silence on delaying Vaibhav Sooryavanshi Debut: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और टीम मैनेजमेंट वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की जल्दबाजी में बिलकुल नहीं है। बीसीसीआई के वाइस-प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने 15 साल के बैटिंग सेंसेशन सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट के रवैये का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज सही समय पर डेब्यू कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आलोचकों के लिए कहा कि मुझे नहीं पता कि लोग इस बारे में ऐसे फालतू कमेंट्स क्यों किए जा रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के चलते पहली बार टीम इंडिया में शामिल किया गया। जहां उन्होंने 237.30 के रिकॉर्ड ब्रेकिंग स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। हालांकि, उन्हें अभी तक भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी है। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित शुरुआती टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान वह बेंच पर ही बैठे रहे। जबकि टीम ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जानी मानी शीर्ष तिकड़ी पर ही भरोसा जताया।
टीम मैनेजमेंट भी लगातार यही कह रहा है कि वे उस कॉम्बिनेशन में बदलाव नहीं करना चाहते, जिसने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताया था। मैनेजमेंट चाहता है कि सूर्यवंशी सीनियर टीम के साथ समय बिताएं और अनुभव प्राप्त करें। इस रवैये की वजह से कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर की भी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई है।
राजीव शुक्ला ने टाइम्स नाउ से कहा कि हमारा भी यही मानना है। वह बहुत टैलेंटेड खिलाड़ी है और उसने आईपीएल 2026 के दौरान यह दिखाया है। मैंने टीम मैनेजमेंट और कोच के खिलाफ कई कमेंट्स देखे हैं, लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि कोच और कप्तान ही आखिरी फैसला लेंगे। वे हालात को देख रहे हैं और जब भी सही समय आएगा उसे मौका जरूर दिया जाएगा।
शुक्ला ने ने कहा कि प्लेइंग इलेवन के सेलेक्शन के फैसले पर मैनेजमेंट की आलोचना करने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे फैसले टीम मैनेजमेंट की समझ पर छोड़ देने चाहिएं। मुझे नहीं पता कि लोग इस बारे में ऐसे फालतू कमेंट्स क्यों किए जा रहे हैं। बता दें कि श्रेयस अय्यर को काफी ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ा है, क्योंकि उन्होंने आईपीएल में कम रन बनाए और उनकी टीम पंजाब किंग्स का राजस्थान रॉयल्स से भी खराब प्रदर्शन रहा। इसके बावजूद उनकी टी20 इंटरनेशनल टीम में वापसी सूर्यवंशी की तुलना में अधिक बेतरतीब थी।